उन्नाव। दहेज हत्या में दोषी पति को अपर जिला जज प्रथम की न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई। आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के खंजूर निवासी मुन्नीलाल ने 24 अप्रैल 2018 को दामाद दिनेश रैदास, उसके भाई बिंदा, पिता नन्कहऊ पर दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी बेटी आशा ने घटना से करीब छह वर्ष पूर्व गांव के ही दिनेश रैदास के साथ प्रेम विवाह किया था। पुत्री की एक बेटी व एक बेटा है। आशा फोन करके बताती थी कि पति दिनेश, जेठ बिंदा व ससुर नन्कहऊ दो लाख की मांग करते हुए प्रताड़ित कर रहे हैं। 24 अप्रैल 2018 को दामाद सहित तीनों ससुरालियों ने बेटी को मारकर फांसी पर लटका दिया था।
पुलिस ने दिनेश को आठ मई 2018 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ हसनगंज डॉ. भीम कुमार गौतम ने की थी और आरोपी पति के खिलाफ न्यायालय में 27 मई 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई अपर जिला जज प्रथम की न्यायालय में पूरी हुई। न्यायाधीश असलम सिद्दकी ने आरोपी दिनेश को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई।