बीघापुर। विस्फोट की घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने सभी आतिशबाजी की दुकानों और पूर्व लाइसेंसधारकों के यहां जांच के आदेश दिए। इससे पटाखा कारोबारियों में खलबली मच गई। कारोबारियों ने घरों में रखे पटाखों और बारूद को छिपाना शुरू कर दिया है। घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर एक बालू के बड़े डंप में छिपाए गए 12 बोरी पटाखे और बारूद पुलिस ने बरामद किए हैं।
लालकुआं-ऊंचगांव मार्ग पर करनईपुर गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर बीघापुर थाना के शिवगंज गांव के पास सड़क किनारे बालू के ढेर में संदिग्ध सामान दबे होने की सूचना पर पुलिस ने अग्निशमन जवानों की मदद से उसे निकलवाने का प्रयास किया। हालांकि अग्निशमन जवानों ने विस्फोटक डिफ्यूजर न होने की बात कह रेस्क्यू करने से मना कर दिया। शाम को एसओ पहुंचे और बालू को गीला कराने के बाद सिपाहियों की मदद से बालू में चार-पांच फिट की गहराई में छिपाए गए पटाखों और बारूद की बोरियों निकलवाया। बाद में बस्ती से दूर जंगल में गहरा गड्ढा खोदवाकर उसमें पानी भरवाया और बोरियों को उसमें डालकर नष्ट कराया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि करीब 30 डंपर बालू का यह डंप लखनऊ के एक व्यापारी ने अवैध खनन करके लगाया गया था। पांच साल पहले प्रशासन ने इस डंप को सीज किया था। पुलिस परीक्षा ड्यूटी से लौटने के बाद थानाध्यक्ष राजपाल ने तहसीलदार अरसलानाज की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। चर्चा है कि बोरियां क्षेत्र के ही एक बड़े आतिशबाज ने छिपाई हैं।
सर्किल के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वह पटाखा दुकानों की जांच करें। साथ ही अवैध रूप से पटाखा बनाने वालों का पता लगाकर जांच करें अगर वह अवैध रूप से आतिशबाजी बना या बेच रहे हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। पूर्व में जिन लोगों को पास आतिशबाजी बनाने और बेचने का लाइसेंस रहा है उनकी भी जांच कराई जा रही है। पकड़े जाने के डर से चोरी से पटाखे बनाने वाले बारूद और पटाखे इधर-उधर छिपा रहे हैं। सघन जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
ऋषिकांत शुक्ला-सीओ बीघापुर