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Unnao News: क्रूर पिता को पुलिस ने बताया मानसिक बीमार

Mon, 27 Nov 2023 12:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो-30



चार बच्चों की हत्या का जुर्म कबूलने वाले पिता को पुलिस ने बताया मानसिक बीमार
लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में कराया गया भर्ती

संवाद न्यूज एजेंसी

बीघापुर। बारासगवर थानाक्षेत्र के लालमनखेड़ा गांव में चार मासूम भाई-बहनों की मौत की घटना में पुलिस हत्या का जुर्म कबूलने वाले पिता की मानसिक स्थिति ठीक न होने की बात कह रही है। एसपी के अनुसार जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके मानसिक इलाज की जरूरत बताई है। उसे लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिटी के मनोरोग विभाग में भर्ती कराया है। हालांकि उसके परिजन मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक होने की बात कह रहे हैं। बड़े भाई को अस्पताल में उसकी देखरेख के लिए लगाया गया है।

लालमनखेड़ा गांव में 19 नवंबर को वीरेंद्र कुमार पासवान के बेटे मयंक (9), बेटी हिमांशी (8), हिमांक (6) और मांशी (4) के शव घर की कोठरी में पड़े मिले थे। चारों के शव के ऊपर बिजली से चलने वाला फर्राटा पंखा पड़ा था। इससे घटना के बाद करंट से मौत की संभावना जताई गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत बच्चों के पेट में संदिग्ध पदार्थ मिलने पर जहर की आशंका में विसरा सुरक्षित किया गया था।
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शुक्रवार को मृत बच्चों के पिता बच्चों को जहर देने गला दबाकर हत्या करने का जुर्म कबूला तो घटना में नया मोड़ आ गया था। पिता के जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने अपनी रची कहानी के बचाव में वीरेंद्र को मानसिक परेशान बताया। अब पुलिस ने उसे लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग में बेड नंबर 11 में भर्ती कराया है।
शनिवार रात में ही पुलिस वीरेंद्र के बड़े भाई सुरेंद्र को गांव से अपने साथ गाड़ी में बैठाकर ले गई थी। सुरेंद्र को लखनऊ अस्पताल में उसकी देखरेख में लगाया गया है। हालांकि परिजनों के मुताबिक वीरेंद्र की हालत ठीक है। पता नहीं क्यों उसे मानसिक बीमार बताया जा रहा हैं। उधर मृत बच्चों की मां शिवदेवी की ओर से पति के खिलाफ हत्या की तहरीर देने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज न करना चर्चा का विषय बना है।
एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना ने बताया कि जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने वीरेंद्र की मानसिक स्थिति ठीक न होने की बात कहते हुए इलाज की आवश्यकता बताई थी। इसी पर उसे परिजनों ने भर्ती कराया है।

बिजली विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट भी नकार रही पुलिस

पंखे से करंट लगने से मौत की बात पर शनिवार को विद्युत सुरक्षा की सहायक निदेशक सोनाली सिंह ने मृत बच्चों के घर पहुंच जांच की थी। टीम के सदस्यों ने पंखों को हर तरह से चेक किया था। टीम के सदस्यों की रिपोर्ट के मुताबिक पंखे में करंट नहीं उतर रहा था। जांच टीम करंट से मौत होने की बात से इन्कार किया था।


वीरेंद्र को आखिर क्यों छिपा रही पुलिस

जुर्म कबूलने के बाद भी वीरेंद्र को अखिर पुलिस क्यों छिपाए घूम रही है। पहले जहर खाने के बाद जिला अस्पताल लाई। यहां डॉक्टरों ने हालत सामान्य बताई लेकिन मीडिया पहुंचने से उसे कानपुर हैलट रेफर करा दिया। वहां भी उसे चार दिन रखा गया। हैलट में भी मानसिक विभाग है। लेकिन वहां उसकी जांच नहीं कराई गई। हैटल से छुट्टी के बाद वीरेंद्र अपने घर आया और जुर्म कबूल किया तो पुलिस ने फिर उसे उठा लिया और शुक्रवार रात अचलगंज में थाने में और शनिवार को बारासगवर थाने में रखने के बाद रात में उसे लखनऊ में भर्ती कराया गया।
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गांव में बढ़ाई गई पुलिस, सुरक्षा या दबाव

मृत बच्चों के पिता की ओर से जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस पहले से अधिक अलर्ट हो गई है। परिजनों की सुरक्षा कहें या फिर पुलिस का दबाव गांव में घर के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वह हर आने जाने वाले पर नजर रख रहा है। गांव में मौजूद मृत बच्चों की मां शिवदेवी से रविवार को मीडिया के लोगों ने बात करनी चाही तो पुलिस ने रोक दिया।
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