संवाद न्यूज एजेंसी
हसनगंज। अनुसूचित जाति के युवक का शव किशोरी के घर में दुपट्टे के फंदे से लटका मिलने की घटना में परिजनों ने दो घंटे कोतवाली परिसर में हंगामा किया। इस दौरान पुलिस और मृतक के परिजनों झड़प हो गई। हंगामे की सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया और देर शाम शव दफन कर दिया।
हसनगंज कोतवाली के एक गांव निवासी रामप्रसाद रावत का बेटा दीपक (22) का पड़ोसी अनुसूचित जाति की किशोरी के घर में शुक्रवार को उसी के दुपट्टे के फंदे से लटका मिला था। मृतक के पिता राम प्रसाद ने किशोरी और उसके पिता पर बेटे को मारकर शव लटकाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया था तो उसमें हैंगिंग की पुष्टि हुई थी।
कोई कार्रवाई न करने से नाराज मृतक के परिजन शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे कोतवाली पहुंचे और हंगामा करने लगे। एसएसआई असलम खान ने सभी को समझाने का प्रयास किया। लेकिन महिलाएं उग्र हो गईं और पुलिस कर्मियों से धक्का मुक्की करने लगीं। कोतवाल भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाते हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही। इस पर परिजन शांत हुए। देर शाम खेत में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
कोतवाल राजेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई क जाएगी। मृतक के मोबाइल की डिटेल निकलवाई जा रही है। जो सही होगा वही कार्रवाई की जाएगी।