अचलगंज। किशोरी के अपहरण की घटना में उसकी मां ने दूसरे वर्ग के युवक पर आधार कार्ड में जन्म तिथि में हेराफेरी करने और पुलिस पर आरोपी की मदद करने का आरोप लगाया है। एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर तीन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी और किशोरी की तलाश जारी है।
अचलगंज थानाक्षेत्र के गांव हड़हा निवासी जिब्रान 13 सितंबर को करीब 25 साथियों के साथ किशोरी के घर पहुंचा था और उसे अगवा कर ले गया था। किशोरी की मां का आरोप है कि युवक के साथ पुलिस भी आई थी। पुलिस ने बेटी का आधार कार्ड देखा था। उसमें बेटी को बालिग देख आरोपी के साथ जाने की अनुमति दे दी थी। विरोध करने पर दो पुलिस कर्मियों ने उसे व पति के साथ धक्का-मुक्की कर थाने ले जाने की धमकी दी थी।
मां का आरोप है कि आधार कार्ड में आरोपी ने हेराफेरी करके नाबालिग बेटी को बालिग दर्शाया है। जबरन उसके और पति के एक कागज पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवाया। आरोपी जिब्रान ने धर्म परिवर्तन का हवाला देते हुए 50 रुपये के शपथ पत्र में अपना नाम राजकुमार बताया है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने जिब्रान को हिरासत में लिया और दूसरे दिन छोड़ दिया। इसके बाद वह किशोरी को लेकर चला गया। मामला एसपी तक पहुंचा तो उन्होंने सीओ और एसओ को फटकार लगाई। शनिवार को किशोरी के भाई की तहरीर पर आरोपी सहित आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसओ राजेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी युवक व किशोरी सहित अन्य की तलाश की जा रही है।
आधार कार्ड की जांच करती तो न होती किरकिरी
किशोरी को बालिग साबित करने के लिए आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड का सहारा लिया था। आधार में किशोरी की जन्मतिथि एक जनवरी 2004 लिखी है। जबकि राजकीय कन्या विद्यालय के अभिलेखों में उसकी जन्मतिथि एक जनवरी 2008 दर्ज है। युवक के साथ गए पुलिस कर्मियों ने संजीदगी दिखाई होती तो शायद इस घटना में उसकी किरकिरी न होती।