मेडिकल स्टोरों पर फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता व दुकानाें के लाइसेंस शुल्क में दस गुनी वृद्धि के विरोध में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जुलूस निकाला। नारेबाजी करते हुए सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष धनवंतरिदेव गुप्ता ने कहा प्रदेश में जितने खुदरा दुकानदार हैं उनकी तुलना में अवकाश प्राप्त या बेरोजगार फार्मेसिस्ट दस प्रतिशत की संख्या में उपलब्ध नहीं है। कहा कि पांच दशक पहले भी इस समस्या के निराकरण के लिए अनुभवी दुकानदारों को लाइसेंस हासिल करने का अधिकार दिया गया था। बाद में फार्मेसिस्टों ने इसका विरोध किया। इसकी वजह से यह व्यवस्था वापस ले ली गई थी। विरोध जताते हुए कहा कि सरकार समस्या को जानते हुए भी खुदरा दुकानदारों को कोई राहत नहीं दे रही है। दूसरी ओर गांवों में हजारों दुकानदारों पर दस गुने तक लाइसेंस शुल्क बढ़ाने का आदेश दे रही है। जिसे झेल पाना छोटे दुकानदारों के लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन प्रकरणों को गंभीरता से लेना चाहिए। पीएम व सीएम को भेजे गए ज्ञापन में फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता समाप्त करने व शुल्क वृद्ध वापस लेने की मांग की गई। इस दौरान संरक्षक प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, रजनीकांत गुप्ता, लक्ष्मेंद्र सिंह, अतहर अली, रवि मिश्रा, अविनाश बाजपेई, कृष्ण कुमार दीक्षित, बलराम बाजपेई, अजय शुक्ला आदि मौजूद रहे।