शहीद कैलाश कुमार यादव के अंतिम दर्शन के लिए देर रात तक लोग इंतजार करते रहे। वाहनों की हर आहट पर लोगों के कदम खुदबखुद बढ़ने लगते। जैसे ही पता चलता कि वाहन सीआरपीएफ का नहीं कोई है, माहौल में हुई हलचल शांत हो जाती। परिजन, रिश्तेदार और गांव के लोग पल-पल की जानकारी लेते रहे। रात 12 बजे तक शव लेकर आ रही सीआरपीएफ की गाड़ी बांगरमऊ पहुंचने की सूचना मिली तो घर और गांव के लोग शहीद के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर आ जमे। बांगरमऊ तहसील के गंजमुरादाबाद ब्लाक के सुल्तानपुर गांव निवासी कैलाश कुमार यादव सीआरपीएफ की 161 बटालियन में श्रीनगर में तैनात थे।