चैत्र माह में ही जेठ जैसी तपिश ने लोगों को बेहाल कर दिया है। इस सीजन का बुधवार सबसे गर्म दिन रहा। दोपहर को अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री तक पहुंच गया। इस दौरान शहर की सड़कें सूनी नजर आईं और बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। जो लोग घरों से निकले वह गर्मी से बचाव के लिए पूरे इंतजाम किए नजर आए। शीतल पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। यह गर्मी लोगों को बेहाल करेंगी। इसका अहसास अभी से होने लगा है।
बुधवार का दिन इस सीजन व इस माह का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। दोपहर को पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस पर आंका गया। तपिश से लोग बेहाल नजर आए। तेज धूप से बचाव के लिए महिलाएं व युवतियां जहां चेहरे को दुपट्टे से ढके नजर आईं वहीं लोग सिर पर अंगौछा रखकर घर से बाहर निकले। तेज धूप के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। मौसम के जानकारों का कहना है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
बुधवार को हालत यह रही कि गर्मी से बचाव के उपाय भी नाकाफी साबित हुए। भीषण गर्मी ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया। जो लोग जरूरी काम से निकले भी वह बचाव के उपाय किए नजर आए। गर्मी से वृद्ध, युवा व बच्चे सभी परेशान नजर आए। घरों में एसी, कूलर चलने शुरू हो गए। उधर तेज धूप व अंधड़ ने भी लोगों को खासा परेशान किया।
बाजारों में बढ़ी भीड़
गर्मी के कारण बाजार में एसी, कूलर व अन्य संसाधनों का व्यापार भी गर्म हो गया है। बाजार में कूलर, पंखा और एसी की दुकानों पर बुधवार को भीड़ नजर आई। हालांकि पिछले सीजन की अपेक्षा इस बार कीमतों में खासा इजाफा हुआ है। लोग परेशान हैं कि जब मार्च के महीने में इतनी तपिश है तो आने वाले अप्रैल, मई और जून के महीने में क्या होगा।
हीट स्ट्रोक से बचाव के टिप्स
फुल आस्तीन कपड़े पहनें
सर और चेहरा ढक कर चलें
पानी पीने के बाद ही घर से निकलें
एसी, कूलर रूम से सीधे धूप में न जाएं
धूप से आकर तुरंत पानी कोल्ड ड्रिंक न पिएं
लू व डायरिया के लक्षण
बार-बार प्यास लगना, तेज सिर दर्द होना, कमजोरी लगना व चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा होना, बेहोशी आना, पतले दस्त होना, हथेली और पैर के तलवों में जलन होना, त्वचा में झुर्रियां पड़ना, ब्लड प्रेशर लो होना लू व डायरिया के लक्षण है। ऐसा होने पर तुरंत डाक्टर से सलाह और एहतियात बरतें।