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नियम कानून किनारे, नहीं मानते रूल

Mon, 11 Jul 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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बिना हेलटमेट - फोटो : अमर उजाला
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पूरे कुएं में भांग खुली है। बेशुमार हादसों के बाद भी हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर खिलवाड़ किया जा रहा है। एसपी की चेतावनी के बाद भी जिले में टू-व्हीलर चलाने वाले हेलमेट पहनने को लेकर गंभीर नहीं हुए। आम लोग ही नहीं पुलिस पर एसपी की चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ। खुद एसपी नेहा पांडेय भी मानती हैं कि अब पानी सिर से ऊपर हो रहा है। साफ कहा कि 15 से 31 जुलाई तक पूरे जिले में अभियान चलाया जाएगा। पुलिस हो या प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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आगे निकलने की होड़ में बेपरवाही से टूृ-ब्हीलर दौड़ाते लोगों में हेलमेट न पहनने की आदत से आए दिन हादसे  में मौतें हो रही हैं। इसके बाद भी लोग यातायात नियम नहीं सीख पाए। लोगों को असमय मौत से बचाने के लिए सरकार ने दो पहिया वाहन में पीछे बैठने वाले को हेलमेट अनिवार्य किया है। एसपी ने पंद्रह दिन की मोहलत देकर पुलिस को वाहन चेकिंग कर लोगों को हेलमेट पहनने के फायदे बताने का अभियान भी चलाया। इसके बाद भी आम लोगों की कौन कहे पुलिसकर्मी भी हेलमेट लगाना जरूरी नहीं समझते। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि 15 जुलाई से पूरे जिले में एक साथ वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा और हेलमेट पहने बगैर दो पहिया वाहन चलाते मिलने पर चालान कर मोटा जुर्माना लिया जाएगा।

हेलमेट लगाने के फायदे
कानून के नजरिए से आप जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। रोड एक्सीडेंट में हो रही मौतों 70 प्रतिशत तक कमी। बाइक चालक आंखों में धूल और धुआं से बचते हैं। वाहनों के हेडलाइट की रोशनी आखों में नहीं पड़ती। धूल और धुएं की वजह से सिर दर्द-बीमारी से बचाव। बाइक चलाते वक्त ध्यान नहीं बंटता और हादसे से बचाव।
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