असोहा। हाईकोर्ट द्वारा निवर्तमान क्षेत्र पंचायत प्रमुख की अविश्वास प्रस्ताव पर रोक संबंधी याचिका खारिज किए जाने के बाद 14 माह से खाली चल रहे ब्लॉक प्रमुख पद पर चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
निर्वतमान ब्लॉक प्रमुख बीतेंद्र यादव द्वारा अविश्वास पर रोक संबंधित याचिका पर उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ की डबल बेंच ने गुरुवार को सुनवाई कर याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने चुनाव कराने को कहा। पीठ ने कहा कि जब अविश्वास प्रस्ताव हो चुका है तो अब रोक का कोई मतलब नहीं है।
अदालत के इस आदेश के बाद असोहा ब्लॉक प्रमुख के चुनाव का रास्ता साफ हो गया। याचिका खारिज होते ही उप विजेता रहे भाजपा नेता आनंद गुप्ता के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और जश्न का माहौल रहा।
25 जुलाई 2022 को आनंद गुप्ता ने 62 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के समर्थन का दावा कर डीएम को प्रार्थनापत्र दिया था। जिसकी जांच के बाद डीपीआरओ ने 18 अगस्त 2022 को अविश्वास पर मतदान की तारीख तय की थी।
जिसमें 77 क्षेत्र पंचायत सदस्यो में 75 सदस्यों ने मतदान किया था जबकि दो सदस्य जेल में होने के चलते मतदान नहीं कर सके थे। अविश्वास के पक्ष में 59 और विपक्ष में मात्र 16 सदस्यों ने मतदान किया था। जिसके चलते अविश्वास भारी मतों से पारित हुआ था। बाद में बीतेंद्र यादव ने उच्च न्यायालय में अविश्वास प्रस्ताव पर रोक के लिए रिट दायर कर दी थी।
लगभग 14 माह बाद उच्च न्यायालय द्वारा रिट खारिज किए जाने के बाद भाजपाइयों में खुशी की लहर है। अब पहली बार भाजपा का प्रमुख बनने की संभावना बढ़ गई है।
2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद प्रमुख पद के चुनाव में बीतेंद्र यादव ने भाजपा उम्मीदवार आनंद गुप्ता को 14 मतों से पराजित कर प्रमुख पद पर जीत हासिल की थी। तब बीतेंद्र यादव को 45 और आनंद गुप्ता को 31 मत मिले थे।
जबकि एक मत अमान्य हुआ था। बीतेंद्र यादव ने बताया कि उच्च न्यायालय से याचिका खारिज हुई है। समर्थकों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों से बात करेंगे। सहमति बनी तो किसी को चुनाव लड़ाएंगे।