उन्नाव। ड्रग वेयर हाउस से लिए गए एंटीबायोटिक टैबलेट का सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरा।
टेबलेट में निर्धाारित मानक के अनुसार दवा का अंश नहीं मिला। जिस पर औषधि निरीक्षक ने सीजेएम कोर्ट में टैबलेट निर्माता कंपनी के मालिक सहित सात पर वाद दायर किया है।
पूर्व औषधि निरीक्षक अजय संतोषी ने 30 नवंबर 2022 को ड्रग वेयर हाउस से एंटीबायोटिक सेफ्टाजिडिम टैबलेट आईपी 250 एमजी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। केंद्रीय प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में सैंपल फेल बताया गया और दवा को अधोमानक माना गया। विश्लेषक के अनुसार, टेबलेट में 90 से 110 प्रतिशत दवा होनी चाहिए।
परीक्षण में दवा की मात्रा महज 85 प्रतिशत के आसपास ही पाई गई, जो अधोमानक की श्रेणी में आती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान औषधि निरीक्षक अशोक कुमार ने सीजेएम कोर्ट में दवा बनाने वाली कंपनी अपरॉन रेमडस प्राइवेट लिमिटेड के मालिक सहित सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
औषधि निरीक्षक के अनुसार, सभी के खिलाफ औषधि प्रशासन की धारा ड्रग एक्ट 17-ए के तहत वाद दायर किया गया है।
सेफ्टाजिडिम टैबलेट एक एंटीबायोटिक दवा है। ड्रग इंस्पेक्टर के मुताबिक, इस दवा को शरीर में बैक्टीरिया से होने वाले संरक्षण के इलाज के लिए उपयोग में लाया जाता है। सरकारी सप्लाई में करीब दो हजार दवाओं की खेप आई थी। जिसे सरकारी अस्पतालों में भेजा जाना था। संदेह के आधार पर सैंपल लेने के दौरान ही उसकी सप्लाई रोक दी गई थी।