संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। जिले में डेंगू का डंक लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। साल दर साल डेंगू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पिछले पांच साल में मरीजों की संख्या पांच गुना तक बढ़ी है। इसको देखते हुए मलेरिया विभाग ने अभी से साफ-सफाई और एंटीलार्वा का छिड़काव कराना शुरू कर दिया है। साथ ही लोगों को डेंगू के डंक से बचाने के लिए जागरुकता अभियान भी चलाया है।
बारिश के बाद डेंगू का कहर शुरू हो जाता है। शासन की ओर से बारिश के पहले ही इसकी रोकथाम के लिए अभियान चलाया जाता है लेकिन इसका असर दिखाई नहीं देता है। अभियान में केवल औपचारिकता निभाई जाती है। शायद इसी कारण पिछले पांच वर्षों में डेंगू मरीजों का ग्राफ बढ़ा है। वर्ष 2018 में डेंगू के 61 मरीज मिले थे। वहीं 2022 में यह संख्या बढ़कर 223 पहुंच गई। इसमें सीधे पांच गुना बढ़ोतरी हुई है। डेंगू की चपेट में कोई भी आ सकता है। इसका डंक बच्चे, बुजुर्ग, युवाओं और गर्भवतियों सभी के लिए खतरनाक हो सकता है। इसकी रोकथाम के लिए शासन की ओर से लगातार अभियान चलाए जाते हैं लेकिन इनका कोई असर नहीं दिखाई देता है। इसी कारण साल दर साल डेंगू की चपेट में आने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है।
डेंगू मरीजों के आंकड़ों पर एक नजर
2018 में 61
2019 में 167
2020 में 102
2021 में 106
2022 में 223
बचाव के लिए यह करें उपाय
घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। घर में रखे कूलर का पानी बदलते रहें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी बांह के कपड़े पहने। बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर को दिखाएं।
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जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र यादव ने बताया कि सभी जगह साफ-सफाई और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। जुलाई माह में दस्तक और संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत व्यापक तरीके कार्य होगा। इसमें स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बुखार व अन्य रोगों की जांच करेंगे। लोगों को सफाई रखने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है।