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Unnao News: डेंगू का पता लगने तक मरीज की बिगड़ जाती हालत

Tue, 22 Aug 2023 01:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो-29
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तेज हुआ डेंगू का हमला, शहर में महिला समेत तीन और संक्रमित
जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 18 हुई, 108 सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार
बुखार पीड़ित रोगियों की भी संख्या बढ़ी, 21 दिन में 227 हुए जिला अस्पताल में भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी

उन्नाव। जिले में डेंगू का हमला तेज हो गया है। सोमवार को शहर के अलग-अलग मोहल्लों में एक महिला सहित तीन और लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू के मरीजों की 18 हो गई है। उधर, व्यवस्था का यह हाल कि जिले में डेंगू का पता लगाने के लिए एलाइजा जांच की सुविधा अब तक मयस्सर नहीं है। एलाइजा मशीन 16 अगस्त को भेज दी गई, लेकिन तक इसका संचालन शुरू नहीं सका। मशीन सीएचसी में रखी है।
जिले में डेंगू का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुखार मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही डेंगू के केस भी सामने आ रहे हैं। सोमवार को लखनऊ के केजीएमयू से आई रिपोर्ट में शहर के मोहल्ला शिवनगर निवासी महिला, लोकनगर और आवास विकास कालोनी निवासी पुरुषों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 18 पहुंच गई है, जबकि 108 सैंपल की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है।
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अगस्त महीने के 21 दिन में 227 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए। सीएचसी, पीएचसी और निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ है। अभी लखनऊ से 108 सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है।
प्लेटलेट्स के लिए निजी अस्पताल जाने की मजबूरी
कहने को तो जिला अस्पताल में छह और स्वास्थ्य केंद्रों में पांच-पांच बेड के डेंगू वार्ड बनाए गए। लेकिन जांच और इलाज की सुविधा नहीं है। डेंगू पीड़ित मरीज प्लेटलेट्स के लिए निजी अस्पतालों में भर्ती होने को मजबूर हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि जिला अस्पताल में पांच महीने पहले आई ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर मशीन शोपीस बनी है। उसका भवन न बनने से संचालन नहीं हो पा रहा है। प्लेटलेट्स नहीं बन पा रही हैं। जानकारों के अनुसार जुलाई से नवंबर महीने तक डेंगू मरीजों का पीक समय माना गया है।
फोटो नंबर-32

जिले में नहीं एलाइजा जांच की सुविधा
जिले में एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है। इसलिए मजबूरन इस जांच के लिए मरीजों के सैंपल लखनऊ भेजे जाते हैं। रिपोर्ट आने में पांच से सात दिन का समय लगता है। इस दौरान समुचित इलाज न होने से मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। पांच दिन पहले 16 अगस्त को जिले को एक एलाइजा जांच मशीन मिली है। इसे शुक्लागंज की ठाकुरखेड़ा सीएचसी में रखवाया गया है। उम्मीद थी कि मशीन आने के बाद एलाइजा की जांच की रिपोर्ट 24 घंटे में मिल जाएगी। लेकिन अभी तक लेकिन अभी तक मशीन संचालन के लिए कई जरूरी उपकरणों की खरीद नहीं हो पाई है।
रिपोर्ट बताने के लिए नहीं तय जिम्मेदारी

डेंगू के बढ़ रहे मामले को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी भी कुछ बताने को तैयार नहीं होते। रिपोर्ट आने के बाद कंट्रोल रूम से लेकर सीएमओ तक को फोन मिलाना पड़ता है। तब जाकर रिपोर्ट मिल पा रही है। रिपोर्ट न बताना पड़े इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करते। कागजों पर ही कार्रवाई दर्शाया करते हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में बुखार मरीजों के प्राथमिक जांच की सुविधा नहीं

जिले की 16 सीएचसी में बुखार मरीजों के प्राथमिक जांच की भी सुविधा नहीं है। सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) मशीन की स्थिति यह है कि पुरवा सीएचसी में लगी मशीन को औरास भेजा गया है। वहीं मौरावां स्वास्थ्य केंद्र में खराब पड़ी है। हिलौली में जांच की सुविधा नहीं है। यही हाल जिले के लगभग सभी स्वास्थ्य केंद्रों का है। इससे जिला अस्पताल में जांच के लिए मरीजों की भीड़ भी बढ़ती है।

संचारी अभियान दो, परिणाम शून्य

संक्रामक रोगों से बचाव के लिए जुलाई महीने में स्वास्थ्य विभाग ने दस्तक और संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया था। जिसमें एंटीलार्वा छिडक़ाव के साथ जलभराव में एंटी लार्वा छिडक़ाव और सफाई अभियान भी चला था। लेकिन परिणाम शून्य निकला था। नतीजा यह हुआ था कि बुखार मरीजों की संख्या समय रहते पोर्टल पर अपडेट तक नहीं हो पाई।



जांच पर एक नजर

जुलाई और अगस्त में मलेरिया जांच- 8000, पाजिटिव- 2

डेंगू के लिए सैंपल 558, पाजिटिव मिले 18



डॉक्टर की सलाह

फिजीशियन डॉ. कौशलेंद्र प्रकाश ने बताया कि इस मौसम में मच्छर जनित बीमारियां अधिक होती हैं। बचाव के लिए दिन में पूरी बांह के कपड़े पहने, रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, कूलर का पानी रोजाना बदले, घर के आस-पास सफाई रखें और जलभराव न होने दें।
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बोले सीएमओ
सीएमओ डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि डेंगू रिपोर्ट बताने की जिम्मेदारी डॉक्टर अंकिता की है। क्योंकि राममनोहर लोहिया अस्पताल से पोर्टल पर रिपोर्ट आती है। बताया कि एलाइजा जांच मशीन के संचालन की व्यवस्था की जा रही है। एक सप्ताह में जांच शुरू हो जाएगी।
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