मगरायर मेें आयोजित धनुष यज्ञ में परशुराम-लक्ष्मण संवाद का अभिनय करते कलाकार।
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बीघापुर क्षेत्र के मगरायर गांव में आचार्य नंद दुलारे बाजपेयी स्मारिका संस्था नंदिनी के तत्वावधान में 43वें धनुष यज्ञ में जहां जनक विलाप सुन भीड़ की आंखों में आंसू छलक पड़े वहीं परशुराम संवाद सुन लोगों की भुजाएं फड़क उठीं। इससे पहले दंगल में कई पहलवानों ने दांवपेंच दिखाकर भीड़ को रोमांचित किया।
दंगल केसरी दिल्ली के दिलीप तो दंगल कुमार बदरका के मुश्ताक बने।
कार्यक्रम संयोजक रमाशंकर दीक्षित एवं आयोजक रमेश चंद्र पांडेय के साथ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा नेता विवेक सिंंह ने राम-सीता की आरती उतार लीला का शुभारंभ किया। धनुष यज्ञ में जनक की भूमिका निभा रहे अंबरीश शुक्ल ने सीता स्वयंवर की प्रस्तुति से भीड़ का मन मोह लिया। तो वहीं जनक विलाप का करुण क्रंदन सुनकर भीड़ आंसुओं को रोक न सकी। इसके अलावा परशुराम-लक्ष्मण संवाद भी भीड़ में खास रहा।
ग्राम प्रधान गीता दीक्षित मगरायर ने कलाकारों को पुरस्कृत कर हौसलाफजाई की। इस दौरान महेश्वरी पांडेय, रमेश चंद्र पांडेय, राजेंद्र अग्निहोत्री, श्यामू अवस्थी, राजेश कोरी, कमल पासवान, कुम्मा कुशवाहा, प्रेम कुशवाहा, मनीष तिवारी, देवारी लाल भी मौजूद रहे।