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सीपीसीबी अध्यक्ष ने जांची जल प्रदूषण नियंत्रण की हकीकत

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उन्नाव। सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) अध्यक्ष शिवदास मीणा ने जल प्रदूषण नियंत्रण की हकीकत जानने के लिए दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र की टेनरी में ईटीपी (इंफ्लूएंट प्लांट) और सीईटीपी (कामन इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। उन्होंने टेनरियों में उत्प्रवाह शोधन और सीईटीपी में टेनरी व अन्य फैक्ट्रियों से आने वाले पानी और उसे शोधित कर लोनी ड्रेन में बहाए जा रहे पानी की गुणवत्ता देखी। उन्होंने ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को भी देखा।
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लखनऊ से कानपुर जाते समय सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के अध्यक्ष शिवदाश मीणा ने शनिवार सुबह दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र स्थित किंग्स इंटर नेशनल टेनरी का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने चमड़ा तैयार करने में प्रयोग होने वाले केमिकल और उससे निकलने वाले पानी के शोधन (ट्रीटमेंट) की पूरी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने टेनरी में लगाए गए ईटीपी (इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में जल शोधन की प्रक्रिया को भी जांचा। यहां उन्हें सब ठीक मिला। वह लोनी ड्रेन के पास स्थितत सीईटीपी (कॉमन इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) पहुंचे। उनके पहुंचते ही प्लांट कर्मियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने प्लांट का बारीकी से निरीक्षण किया और टेनरियों व फैक्ट्रियों से बहाए जा रहे पानी को सीईटीपी में शोधन की प्रक्रिया को देखा। प्लांट कर्मियों ने उन्हें बताया कि प्रतिदिन 14 टेनरियों से 800 केएल प्रदूषित पानी प्लांट में आ रहा है। बताया गया कि विभिन्न चरणों में शुद्ध करने के बाद ही ड्रेन में बहाया जाता है। सीपीसीबी अध्यक्ष ने साफ कहा कि किसी भी हालत में प्रदूषित पानी ड्रेन में न जाने पाए। ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को चौबीसों घंटे चालू रखा जाए। ताकि पानी की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके। करीब एक घंटे तक प्लांट में रुकने के बाद सीपीसीबी अध्यक्ष कानपुर रवाना हो गए। इस दौरान यूपी पीसीबी के सदस्य आशीष तिवारी, जोनल आफीसर आरके सिंह, किंग्स इंटरनेशनल टेनरी के प्रबंध निदेशक ताज आलम, एसएम शाहिद भी मौजूद रहे।
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