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Unnao News: तीन दिन बाद पूरे समय चली ओपीडी, 2825 मरीजों का पंजीकरण

Tue, 19 Aug 2025 02:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो-10- हसनगंज सीएचसी में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन।संवाद
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उन्नाव। तीन दिन बाद पूरे समय तक चली ओपीडी में मरीजों की बाढ़ आ गई। मरीजों के आने का सिलसिला सुबह आठ बजे से शुरू हो गया। 9 बजे के बाद एकदम से भीड़ बढ़ने से पर्चा काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्ष और ओपीडी में कई बार धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। एक मरीज को तीन घंटा लाइन में लगने के बाद डॉक्टर को दिखाने का नंबर आया।
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शुक्रवार को स्वतंत्रता दिवस का अवकाश और शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जिला अस्पताल की ओपीडी आधे समय तक संचालित हुई थी। इसके बाद रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहा था। सोमवार को ओपीडी अपने निर्धारित समय आठ बजे से शुरू हुई। सुबह से पर्चा काउंटर पर पंजीकरण के लिए मरीजों की लाइन लगना शुरू हो गई। नौ बजे हाल यह हो गया कि काउंटर पर भीड़ ज्यादा हो गई। इससे पहले पर्चा बनवाने की होड़ में मरीजों में आपस में ही कहासुनी और धक्का-मुक्की होने लगी। मामला बढ़ता देख पास खड़े सिक्योरिटी गार्ड में शांत कराया। इसके बाद ओपीडी में मरीज व उनके तीमारदारों में कई बार धक्का-मुक्की व नोकझोंक हुई। आलम यह रहा कि मरीज को पहले पर्चा बनवाने में धक्के खाने पड़े। उसके बाद डॉक्टर तक पहुंचने में तीन घंटे लग गए। अस्पताल प्रशासन की बदइंतजामी से मरीजों को समय से इलाज नहीं मिल पाया।

हर दूसरे मरीज को लिखी जा रही बाहर की दवाएं
जिला अस्पताल में मरीजों को ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए एक रुपये का पर्चा बनवाना पड़ता है। इस पर्चे पर डॉक्टर की सलाह, दवाएं और जांच सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। वहीं डॉक्टरों को साफ निर्देश हैं कि वह अस्पताल में उपलब्ध दवाएं ही मरीजों को लिखे, लेकिन डॉक्टर ओपीडी पर्चे के अलावा मरीजों को एक छोटी पर्ची भी थमाते हैं। इस पर्ची पर वह दवाएं लिखी जाती हैं जो अस्पताल से बाहर मेडिकल स्टोर पर मिलती हैं।
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फोटो-12-पिंकू

राजाबाग के पिंकू ने बताया कि उन्हें स्किन संबंधी दिक्कत है। जिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने दवाओं की दो पर्ची दी। एक पर्ची से दो दवाएं दवा वितरण कक्ष से मिलीं। वहीं दूसरी पर्ची से दो टेबलेट मेडिकल स्टोर से चार सौर रुपये देकर मिलीं।


फोटो-13-बलजीत कुमार

बहुराजमऊ के बलजीत कुमार ने बताया कि उन्हें बुखार और दांत में दिक्कत है। दवा वितरण कक्ष में केवल दो दवाएं ही मिल पाई हैं। अन्य तीन प्रकार की दवाएं मेडिकल स्टोर से तीन सौ रुपये में खरीदनी पड़ी। डॉक्टर अधिकांश दवाएं मेडिकल स्टोर से ही लिखते हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी रही भीड़
उन्नाव। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी सोमवार को भीड़ रही। नवाबगंज सीएचसी में मरीजों की सुबह से लाइन लगना शुरू हो गई। ओपीडी का पंखा खराब होने से मरीज गर्मी से बेहाल रहें। वहीं हसनगंज सीएचसी में मरीजों की भीड़ अधिक होने से धक्का-मुक्की हुई। इधर औरास सीएचसी में 580 मरीजों ने पंजीकरण कराया। सीएचसी प्रभारी डॉ.अनूप ने बताया कि वायरल बुखार के मरीज अधिक रहे। सभी परामर्श व दवाएं दी गई हैं। (संवाद)

बोले जिम्मेदार
बाहर की दवाएं न लिखने का डॉक्टरों को साफ निर्देश दिए हैं। अगर कोई भी डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं लिख रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। डॉ.राजीव गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल

फोटो-10- हसनगंज सीएचसी में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन।संवाद

फोटो-10- हसनगंज सीएचसी में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन।संवाद

फोटो-10- हसनगंज सीएचसी में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन।संवाद

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