जांच करते जिला उद्यान अधिकारी व अन्य।
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कानपुर के एक कोल्डस्टोरेज में हादसे के बाद जिला उद्यान अधिकारी के नेतृत्व में अधिकारियों ने चेकिंग की। इस दौरान शीतगृहों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच पड़ताल की गई। निरीक्षण में अधिकारियों को कोई बड़ी खामी नहीं मिली।
जिले में कुल 18 कोल्डस्टोरेज हैं। एक शीतगृह बंद चल रहा है। 17 शीतालयों में आलू भंडारण किया जाता है। इनकी भंडारण क्षमता 131075 मीट्रिक टन है। 15 मार्च को कानपुर के एक कोल्डस्टोरेज में हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन ने स्थानीय शीतालयों की जांच के आदेश जारी किए थे। डीएम के आदेश के बाद अधिकारी हरकत में आए।
शनिवार को जिला उद्यान अधिकारी (डीएचओ) डा. शैलेंद्र शुक्ला टीम के साथ जांच करने निकले। डीएचओ ने सबसे पहले अकरमपुर स्थित श्यामसुंदर कोल्डस्टोरेज में छापा मारा। इस दौरान उन्होंने भवन, सुरक्षा उपकरणों व मशीनों की जांच पड़ताल की।
इसके बाद वह बैनामऊ स्थित सिंह शीतालय, कटियार और एसबी कोल्डस्टोरेज पहुंचे। यहां भी उन्होंने टीम के साथ अगिभनशमन यंत्र, अमोनिया गैस के लिए सेंसर, बचाव के लिए मास्क आदि की जानकारी ली। उन्होंने कोल्डस्टोरेज में काम करने वाले पल्लेदारों की संख्या भी पूछी। दुर्घटना होने पर इलाज और मुआवजा की जानकारी हासिल की। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि सभी शीतालयों में कोई बड़ी खामी नहीं मिली है।
सभी जगह सुरक्षा उपकरण व मजदूर मास्क लगाकर काम करते पाए गए। अधिकांश कोल्डस्टोरेज लगभग 50 प्रतिशत खाली नजर आए। डीएचओ के मुताबिक, जल्द ही और भी शीतालयों में जांच पड़ताल की जाएगी।