उन्नाव जंक्शन स्थित जीआरपी थाने में करीब तीन दर्जन सिपाही तैनात हैं। इनके रहने के लिए हरदोई पुल के नीचे एक बैरक बनी हुई है। यह बैरक काफी पुरानी होने से बेहद जर्जर हो चुकी है। यहां बने कमरों की छतें टपकती हैं और दीवारों की प्लास्टर टूटकर गिरने लगी है। इससे परेशान सिपाही बैरक होने के बावजूद अन्य स्थानों पर रहने को मजबूर थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने सिपाहियों की इस समस्या को समझते हुए रेलवे से भूमि देने की मांग की थी। इस पर रेलवे से भूमि मिलने के बाद अब विभाग की ओर से 20 फिट चौड़ी व 24 फिट लंबी तीन फैब्रीकेटेड बैरक तैयार करवाई है। बैरक के तैयार होने से जीआरपी सिपाहियों को अब बारिश में टपकती छत, ठंड में टूटी खिड़कियों व गर्मी में लू से दो-चार नहीं होना होगा।
पुलिस अधीक्षक जल्द करेंगे उद्घाटन
जीआरपी अधिकारियों की मानें तो बैरक बनकर तैयार है। बैरक तक जाने के लिए इंटरलाकिंग का काम करवाया जा रहा है। बैरक का उद्घाटन विभाग के कप्तान को करना है। जैसे ही अधिकारियों से समय मिलता है उद्घाटन की तिथि तय कर दी जाएगी।