फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: अभी ठिठुरेंगे परिषदीय स्कूलों के 17000 छात्र

विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नाव। परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे पांच से छह साल तक के 17000 छात्रों को ठंड में अभी और ठिठुरना होगा। इनका जन्म प्रमाणपत्र न बनने से खाते में डाटा बेनीफीसरी ट्रांसफर (डीबीटी) प्रक्रिया क तहत रुपये नहीं भेजे जा सके हैं। ऐसे छात्रों के लिए सीडीओ ने तहसील स्तर पर कैंप लगाकर प्रमाणपत्र बनवाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

जिले के 16 ब्लॉक और नगर क्षेत्र में 2709 परिषदीय स्कूलों में 1833 प्राथमिक, 451 उच्च प्राथमिक और 375 कंपोजिट स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में 2,22,824 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रत्येक छात्र को हर साल 1200 रुपये सरकार देती है। इससे वह स्कूल बैग, जूता, मोजा, दो जोड़ी यूनिफार्म, स्वेटर और स्टेशनरी खरीदते हैं। डीबीटी के माध्यम से आधार युक्त छात्रों या फिर उनके अभिभावकों के खाते में रुपये भेजे जाते हैं। यह पैसा पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से सरकार भेजती है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल महीन से शिक्षा सत्र शुरू होने से अब तक पंजीकृत 2.26 लाख छात्रों में 2.8 लाख छात्रों के खाते में भुगतान किया गया। 17 हजार छात्र ऐसे हैं, जिनका अब तक जन्म प्रमाणपत्र ही नहीं बना है। जब तक प्रमाणपत्र नहीं बनेंगे तब तक पैसा उनके खातों में पहुंचने की उम्मीद कम है।
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र न बन पाने से दिक्कत आई है। सीडीओ कार्यालय में ऐसे छात्रों का ब्योरा दिया गया है। उनके आदेश पर तहसीलों में कैंप लगवाकर प्रमाणपत्र बनवाया जाना है। सीडीओ ने सीएमओ और सीएमएस को भी बच्चे के जन्म लेने के बाद उसका आधार पर जन्म प्रमाणपत्र साथ बनवाने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें