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नोट की मार, बेदम हुआ व्यापार

Fri, 18 Nov 2016 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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शहर के बड़ा चौराहा स्टेटबैंक में लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
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बड़े नोटों की बंदी के बाद से बाजार और व्यापार बेदम है। न खरीदरों की भीड़ है न दुकानों में जरूरत का हर सामान। सप्ताह में लाखों कमाने वाले व्यापारियों की कमाई हजारों में सिमट गई है। छोटे नोटों की किल्लत से होटल, ढाबा, कपड़ा बाजार, गिफ्ट शाप के साथ ही किराना बाजार बेहाल है। छोटे नोट न होने से किराने तक का सामान लोग नहीं ले पा रहे हैं। रेस्टोरेंट में खाना भी नहीं मिल रहा है। वहीं होटल में बगैर नोट के रात में रुकने में भी परेशानी हो रही है।
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बीते एक सप्ताह से व्यापार का पहिया सुस्त पड़ा है। अमर उजाला टीम ने गुरुवार को नोट बंदी के बीच मार्केट में व्यापार की क्या स्थित है? इसका हाल जाना तो हर वर्ग के व्यापारी छोटे नोट की किल्लत से जूझते नजर आए। किसी को छोटी नोट न होने से खरीददारी का झटका लग रहा था तो कईयों के पास दो हजार का नोट तो था लेकिन दुकानदार के पास चेंज न होने से उसे लौटना पड़ा।
 दोपहर दो बजे भीड़ से गुलजार रहने वाला धवन रोड़ पर भीड़ नहीं थी। यही हाल सराफा मार्केट वाली कचौड़ी गली में दिखा। सराफ गपशप कर समय बिता रहे थे। किराना व्यापारी भी सुस्ताते नजर आए। व्यापार का औसत 20 से 30 फीसदी के बीच सिमट गया। कपड़ा व्यापारी हों या फिर कास्मेटिक्स व गिफ्ट शाप वाले दुकानदार फिलहाल सब छोटे नोट न होने से परेशान रहे। रेस्टोरेंट व होटल मालिक भी पस्त हैं।
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बाजार और व्यापार का हाल जानने के लिए व्यापारियों से बात की गई तो उनका दर्द छलक आया। व्यापारियों ने बताया कि छोटे नोटों की कमी और दो हजार के नोट के छुट्टे न मिलने से कानपुर-लखनऊ के बड़े बजारों से माल नहीं मिल पा रहा है।

व्यापारी अखिलेश मिश्रा।
-हर कोई पांच सौ व हजार का नोट लंच या फिर पैकिंग कराने के बाद दे रहा है। मना करने पर विवाद भी होता है। इसलिए पहले छोटे नोट होने की बात पूछने के बाद ही कस्टमर्स को रेस्टोरेंट में इंट्री दी जाती है। नोट बंदी फिलहाल परेशान कर रही है।
अखिलेश मिश्र रेस्टोरेंट संचालक

सराफा व्यापारी वेद प्रकाश।
-सराफा व्यापार सबसे ज्यादा प्रभावित है। मार्केट में लाखों की उधारी हो गई है। लोगों के पास पैसा न होने से नकद बिक्री तो पूरी तरह ठप है।
वेद प्रकाश सराफा व्यापारी
व्यापारी निखिल गुप्ता।
-पांच सौ व हजार के नोट बंद होने से गिफ्ट शाप ही नहीं हर तरह के दुकानदारों को झटका लगा है। कभी तीन से पांच हजार की रोजना बिक्री होती थी अब दो सौ से पांच सौ की बिक्री के भी लाले हैं।
निखिल गुप्ता दुकानदार गिफ्ट शाप

कपड़ा व्यापारी प्रशांत गुप्ता।
-दो हजार की नई करेंसी सरकार ने बैंकों को दे दी है। वो लोगों तक भी पहुंच रही है। इससे मुसीबत कम होने के बजाए बढ़ गई है। छोटे नोटों की किल्लत का आलम यह है कि तीन दिनों में दस हजार की बिक्री ही हुई है।
प्रशांत कुमार कपड़ा व्यापारी
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किराना व्यापारी अरिवंद महेश्वरी।
-सबसे ज्यादा असर किराना व्यवसाय पर पड़ा है। ग्राहक आते तो हैं लेकिन बडे़ नोट लेकर। जिसके चलते तीन दिनों से सन्नाटे जैसा माहौल है।
अरविंद महेश्वरी किराना व्यवसाई  
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होटल मैनेजर बब्लू
-होटल व्यवसाय चौपट है। दो हजार का नया नोट लेकर ग्राहक आते तो उन्हें भी छोटे नोट न होने के चलते लौटाना पड़ता। छोटे नोट की करेंसी न होने से बुरा हाल है।
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बब्लू मैनेजर होटल ग्रीन पैलेस
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