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Unnao News: बड़े ही नहीं, बच्चे भी दांत संबंधी रोगों से परेशान

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उन्नाव। दांतों की सड़न अब केवल बड़े-बुजुर्गों की ही नहीं बल्कि छोटे बच्चों में भी बड़ी समस्या बनती जा रही है। जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में कैविटी, पायरिया, दांत दर्द और मसूड़ों से खून आने जैसी शिकायतें लेकर रोज बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में रोज औसतन 100 से अधिक लोग दंत संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए आते हैं। इनमें करीब 20 से 25 मरीजों में दांतों में कैविटी और पायरिया की शिकायत पाई जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार गलत खान-पान, मीठी चीजों का अधिक सेवन और दांतों की नियमित सफाई न होने से दांतों में कीड़े लगने की समस्या बढ़ रही है।


दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश ने बताया कि बोतल से दूध पीने वाले बच्चों के दांतों की सफाई न होने पर दूध के अवशेष मुंह में रह जाते हैं, जिससे सड़न का खतरा बढ़ जाता है। बड़े बच्चों और वयस्कों में ब्रश न करना, रात में खाने के बाद सफाई न करना तथा तंबाकू-गुटखा के सेवन से भी दांतों और मसूड़ों की बीमारियां बढ़ती हैं।
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दांतों में दर्द, ठंडा-गर्म लगना, मसूड़ों में सूजन, ब्रश करते समय खून आना और मुंह से दुर्गंध आना इन समस्याओं के प्रमुख लक्षण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों की अनदेखी करने से दांत खराब हो सकते हैं। इसलिए दिन में दो बार ब्रश करना, खाने के बाद कुल्ला करना, मीठी चीजों का सीमित सेवन करना और समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।

12 बजे तक संचालित हुई ओपीडी
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश के कारण दोपहर 12 बजे तक ओपीडी का संचालन किया गया। आधे समय तक ओपीडी संचालित होने के बावजूद सोमवार को अस्पताल में मरीजों की भीड़ जमा रही। इस दौरान इलाज के लिए 1360 मरीजों ने पंजीकरण कराया। भीड़ बढ़ने से पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी, डायग्नोस्टिक विंग में मरीजों की भीड़ जमा रही। घंटों बाद उपचार मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि भीड़ के चलते कई मरीज निराश होकर लौट गए।
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