खिड़कियों के टूटे पड़े पल्ले।
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उन्नाव। विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जिला प्रशासन तीन महीने से जुटा है। इसके बाद भी कई मतदान बूथों पर बिजली, पानी व शौचालयों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो पाई है। जिले के कई बूथों में समस्याओं का अंबार है। कहीं दिव्यांगों के लिए बनी रैंप क्षतिग्रस्त हैं तो कहीं चहारदीवारी के अलावा खिड़कियों के पल्ले तक गायब हैं। पोलिंग बूथों का यह हाल तब है जब डीएम अधिकारियों से लगातार बूथ पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दे रहे हैं।
जिले की छह विधानसभा सीटों पर 19 फरवरी को (तीसरे चरण) में मतदान होना है। इसके लिए 2303 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इन बूथों को डीएम सुरेंद्र सिंह अक्तूबर माह से बिजली, पानी, चहारदीवारी, शौचालय समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं से लैस कराने की जद्दोजहद में जुटे हैं। बीएसए दीवान सिंह यादव समेत शिक्षक बूथ तैयार होने का दावा करते थक नहीं रहे लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर नजर आ रही है। अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को सिकंदरपुर कर्ण के कई पोलिंग बूथों का जायजा लिया। सबसे पहले छिरिहा प्राथमिक विद्यालय का हाल जाना गया। जहां दिव्यांगों के लिए बनी रैंप क्षतिग्रस्त होने के साथ ही शौचालय के दरवाजे तक टूटे मिले। बेथर प्राथमिक विद्यालय के शौचालय भी दुरुस्त नहीं थे। इस दौरान शिक्षिका से शौचालय ठीक न कराने के बारे में पूछा गया तो उसने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। बाबाखेड़ा प्राथमिक विद्यालय के खिड़कियों के पल्ले गायब होने के साथ ही अर्धनिर्मित शौचालय मिले। बच्चों की छुट्टियों के बीच शिक्षक भी स्कूल से नदारद रहे।
चुनाव तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिन बूथों में खामियां हैं उन्हें तत्काल ठीक कराया जाएगा। साथ ही लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। सुरेंद्र सिंह, डीएम, उन्नाव।