सोमवार को सीडीओ संजीव सिंह ने दो विकासखंडों की चार ग्राम पंचायतों में मनरेगा से तालाबों के हो रहे जीर्णोद्धार का स्थलीय निरीक्षण किया। सबसे पहले वह बिछिया की ग्राम पंचायत गोहना पहुंचे। यहां पर वर्ष 2015-16 में चयनित देख कर तालाब के जीर्णोद्धार के कार्य का निरीक्षण किया। जीर्णोद्धार में इनलेट व आउटलेट का प्रावधान होने के बाद भी निर्माण नहीं मिला। सीडीओ ने पत्रावली में तीनों स्तर के फोटोग्राफ लगाने, बारिश के दौरान तालाब किनारे पौधरोपण और एक्टिव जॉबकार्डधारक के आधार फीडिंग कराए जाने के निर्देश दिए। यहां से निकलने के बाद सीडीओ ग्राम पंचायत तिवारीखेड़ा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान गांव के आढ़ी तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में 13 श्रमिक काम करते मिले। इस दौरान सीडीओ को तालाब बीच में ऊंचा नजर आया तो उन्होंने वीडीओ व टीए को समान रूप से तालाब की खुदाई कराने के निर्देश दिए। विकासखंड हिलौली की ग्राम पंचायत अहेसा के परानू तालाब के जीर्णोद्धार कार्य के निरीक्षण के दौरान सीडीओ को मौके पर 28 श्रमिक काम करते मिले। यहां पर मुख्य विकास अधिकारी ने पत्रावली मेें तीन चरणों के फोटोग्राफ संलगभन किए जाने के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष 2016-17 में जीर्णोद्धार के लिए चयनित किशुनारी तालाब पर जल्द काम शुरू कराने को कहा गया। हिलौली की ग्राम पंचायत नरीचक में जीर्णोद्धार के लिए वर्ष 2015-16 में चयनित तालाबों में कार्यस्थल पर साइनबोर्ड नहीं लगा मिला। सीडीओ ने तालाब जीर्णोंद्धार के निरीक्षण के दौरान मिली खांमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।
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श्रम विभाग की योजनाओं की दी जानकारी
तालाब जीर्णोद्धार के निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने श्रम विभाग की 15 योजनाओं की जानकारी दी। बताया कि जिन श्रमिकों ने मनरेगा में 50 दिन काम किया है वह श्रम विभाग की 15 योजनाओं का लाभ ले सकते हैं। मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन श्रमिकों ने मनरेगा में निर्धारित दिन काम कर लिया हो तो उनका रजिस्ट्रेशन श्रम विभाग में कराकर शासन की योजनाओं का लाभ दिलाएं। निरीक्षण के दौरान मनरेगा उपायुक्त राजेश कुमार मिश्र, बीडीओ हिलौली सपना अवस्थी, बिछिया के धीरेंद्र यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।