उन्नाव। मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल करने की योजना डेढ़ साल बाद भी परवान नहीं चढ़ सकी है। पिछले साल फरवरी माह में गंगा किनारे गांवों में सोख्ता टैंक व कंपोस्ट गड्ढों के निर्माण के प्रस्ताव को अभी तक स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
वर्ष 2014 में पहली बार केंद्र में मोदी सरकार बनाने के बाद नमामि गंगे योजना शुरू की गई थी। योजना के तहत गंगा में गिरने वाले नालों को रोकना था। इसी कड़ी में गंगा किनारे बसे गांवों पर फोकस किया गया था। जनपद में गंगा किनारे 34 ग्राम पंचायतें बसी हुई हैं। कटरी क्षेत्र के इन गांवों के गंदे पानी व ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की व्यवस्था करने की कवायद शुरू की गई थी। इसमें घरों से निकलने वाले गंदे पानी के लिए घरेलू व सामुदायिक सोख्ता टैंक बनाने की योजना है। घरेलूस्तर पर जिनके पास जगह होगी उनके घर के बाहर टैंक खोदे जाने हैं। वहीं जहां जगह नहीं होगी उसके लिए सामुदायिक सोख्ता टैंकों की व्यवस्था की जानी है। घरों का गंदा पानी सीधे टैंकों में जाएगा। वहीं, घर से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट (सब्जी व अन्य घरेलू सामान) के लिए वर्मी कंपोस्ट (खाद) गड्ढे खोदे जाएंगे।
2019 फरवरी माह में पंचायतीराज विभाग ने गंगा किनारे के सभी 34 ग्राम पंचायतों की डीपीआर तैयार की थी। रिपोर्ट में 6.30 करोड़ खर्च होने का प्रस्ताव तैयार करके मुख्यालय भेजा गया था। इस प्रस्ताव में गड्ढों की साफ-सफाई कराने में खर्च होने वाली धनराशि को भी जोड़ा गया था। इस प्रस्ताव को भेजे डेढ़ साल हो गए हैं लेकिन हरी झंडी न मिलने से योजना शुरू नहीं हो सकी है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि डीपीआर शासन में लंबित है। अधिकारियों से बात करके इसे मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन ग्राम पंचायतों में बनने हैं सोख्ता टैंक व कंपोस्ट गड्ढे
बीघापुर ब्लॉक की लालखेड़ा।
बांगरमऊ ब्लॉक की जगतनगर, फरीदपुर कट्टर, मेलाआलमशाह व कटरीगदनपुर आहार।
सिकंदरपुर करन की विभौरा चंदनपुर, दुधौड़ा सरवागर, रजवाखेड़ा, खुटहा नौगवां, बदियाखेड़ा, कटरी अलुहापुर सरेसा, बैदरा व निबई गैर एहतमाली।
सिकंदरपुर सरोसी की कनिकामऊ, बसधना, शंकरपुर सराय, मिर्जापुर, कटरी मरौंदा मझवारा, सन्नी, नेतुआ ग्रामीण, रौतापुर व खैरहा एहतमाली।
सुमेरपुर की सेढ़ूपुर, दूलीखेड़ा, बक्सर व संग्रामपुर।
सफीपुर ब्लॉक की सफीपुर।
फतेहपुर चौरासी की जैतपुर, रुस्तमपुर, गड़ाई व जाजामऊ एहतमाली।
गंजमुरादाबाद की बेहटा कच्छ, सिरधरपुर एहतमाली व भिखारीपुर पतसिया।