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पैसा नहीं, जान बचाएं

Tue, 08 Dec 2015 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो उन्नाव
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चालान से बचने के लिए जो लोग सस्ती कीमत के हेलमेट खरीद रहे हैं वह कानून को नहीं खुद को धोखा दे रहे हैं। अगर सुरक्षित रहना है तो केवल वहीं हेलमेट खरीदें जिसपर आईएसआई मार्क हो।
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शहर में जगह-जगह फुटपाथ पर सजी हेलमेट की दुकानों पर 200 से 400 रुपये तक कीमत में हेलमेट मिल जाएंगे। लोग इन्हें खरीदते भी हैं। हेलमेट खरीदते वक्त अधिकांश लोगों के मन में सिर्फ पुलिस की कार्रवाई से बचना ही उद्देश्य होता है। वह यह भूल जाते हैं कि हेलमेट उनकी जिंदगी और परिवार की खुशियों की सलामती के लिए ज्यादा जरूरी है।

शहर के मोहल्ला दारोगबाग निवासी पंकज मिश्रा ने बताया कि उन्होंने जब पहली बार हेलमेट खरीदा था, तो मन में सिर्फ चालान से बचने की ही मंशा थी। लेकिन एक दिन उनका सस्ता हेलमेट हाथ से छूटकर सड़क पर गिरा और टूट गया। तब उनकी आंखें खुलीं। जो हेलमेट सड़क पर गिरकर टूट गया, वो हेलमेट उनकी सिर की हिफाजत कैसे करेगा।
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कुछ ऐसा ही आवास विकास कालोनी निवासी महेंद्र सिंह के साथ हुआ। इसके बाद उन्होंने अच्छी कंपनी का आईएसआई मार्का हेलमेट खरीदा और बेफिक्र हो गए। हिरन नगर निवासी सुनील कुमार सस्ते हेलमेट के चक्कर में हजारों रुपये गंवा चुके हैं। सुनील कुमार ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने नई बाइक खरीदी थी।

ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने सस्ता हेलमेट खरीद लिया। कुछ दिनों बाद रायबरेली मार्ग पर वह सड़क हादसे में घायल हो गए थे। हेलमेट लगाए होने के बाद भी उनके सिर में काफी चोट आ गईं।

महीनों कानपुर में इलाज कराना पड़ा। डॉक्टर ने बताया कि अगर अच्छी क्वालिटी का हेलमेट पहना होता तो सिर में इतनी चोट न आती। सुनील बताते हैं कि सबक मिलने के बाद अब वह लोगों को भी अच्छी किस्म का हेलमेट खरीदने की सलाह देते हैं।
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