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कोविड एलथ्री अस्पताल में बेड न मिलने से हुई दो की मौत

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हिलौली कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद कोविड अस्पताल ले जाते स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : UNNAO
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नवाबगंज(उन्नाव)। लखनऊ के कोविड एलथ्री अस्पतालों में उन्नाव के एलटू अस्पताल से रेफर किए जा रहे मरीज भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। कोविड एलटू अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड एलटू अस्पताल से रेफर लेटर बनने के बाद भी भर्ती न होने पाने से दो दिनों में दो कोरोना पीड़ितों की मौत हो चुकी है। सिटी मजिस्ट्रेट व सीएमओ ने उन्हें लखनऊ में भर्ती का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। कोविड एलटू अस्पताल में चार और मरीज हैं जिनके रेफर लेटर छह दिनों के अंतराल में बने लेकिन उन्हें लखनऊ एलथ्री अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका है। वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
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शहर के मोहल्ला आदर्श नगर निवासी 48 साल के युवक की रिपोर्ट 10 सितंबर को कोरोना संक्रमित आने के बाद निमोनिया व अन्य बीमारियां होने पर नवाबगंज के सरस्वती मेडिकल कॉलेज कोविड एलटू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर 11 सितंबर को उनका रेफर लेटर लखनऊ के कोविड एलथ्री अस्पताल के लिए बनाया गया था। मरीज को भर्ती कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट व सीएमओ ने लखनऊ में काफी प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। अंत में मरीज ने सोमवार को दम तोड़ दिया।
रविवार को सरस्वती मेडिकल कालेज नवाबगंज में सोहरामऊ निवासी 3 साल की जिस बच्ची की मौत हुई थी। उसका रेफर लेटर 11 सितंबर को बनाया गया था। उसके फेफड़ों में अधिक संक्रमण होने से रेफर किया गया था। रेफर लेटर उन्नाव सीएमओ के माध्यम से लखनऊ सीएमओ को मेल किया गया लेकिन वहां से बेड खाली न होने के कारण बताते हुए भर्ती की अनुमति नहीं दी। कोविड एलटू में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं न मिलने से बच्ची की मौत हो गई।
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शहर के मोहल्ला गांधीनगर निवासी 62 वर्षीय वृद्धा को 8 सितंबर को सरस्वती कोविड एलटू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सांस लेने में अधिक तकलीफ होने पर उनका भी रेफर लेटर 9 सितंबर को बनाया गया था। लेकिन उन्हें भी अब तक बेड नहीं मिला है। वहीं, पुरवा तहसील के गांव चमियानी की 60 वर्षीय वृद्धा की रिपोर्ट 7 सितंबर को कोरोना संक्रमित आई थी। सरस्वती कोविड एलटू अस्पताल में स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन्हें भी भर्ती कराया था। हालत बिगड़ने पर इनका रेफर लेटर 9 सितंबर को बनाया जा चुका है। नवाबगंज के बिचपरी की 42 साल की महिला 10 सितंबर को कोरोना संक्रमित आने पर भर्ती हुई थी। हालत बिगड़ने पर 11 सितंबर को उनका लखनऊ कोविड एलथ्री अस्पताल के लिए रेफर लेटर बनाया जा चुका है लेकिन अभी तक उसे बेड नहीं मिल पाया है। शहर के मोहल्ला ओमनगर निवासी 48 साल के युवक का भी यही हाल है। कोरोना संक्रमित मिलने के बाद 10 सितंबर को उन्हें सरस्वती कोविड एलटू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। फेफड़ों में संक्रमण अधिक होने से 12 सितंबर को उनका रेफर लेटर तैयार किया गया था। लेकिन जिला प्रशासन अब तक बेड की व्यवस्था नहीं करा पाया है।
जिम्मेदार बोले
मरीजों का रेफर लेटर बनने के बाद लखनऊ भेजा गया था। कई अस्पतालों में बातचीत की गई और लखनऊ के प्रशासनिक अधिकारियों से भी सहायता मांगी गई लेकिन रेफर लेटर बनने के बाद भी उन्हें भर्ती करने में सफलता नहीं मिली। समस्या का हल निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
-चंदन कुमार पटेल, सिटी मजिस्ट्रेट
लखनऊ, कानपुर सभी जगह मरीजों को भर्ती कराने का प्रयास किया गया। लेकिन कहीं सफलता नहीं मिली। बताया कि यहां से कोविड एलटू अस्पताल के मानक के अनुसार सुविधाएं हैं लेकिन जिस मरीज को एलथ्री श्रेणी के अस्पताल में इलाज की आवश्यकता है उसे रेफर करना मजबूरी होती है। कुछ दिनों से लखनऊ के एलथ्री अस्पतालों में बेड खाली न होने के कारण वहां भर्ती की अनुमति नहीं मिल पा रही है।
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-कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार, सीएमओ
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