उन्नाव। नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते शहर में बेसहारा लोग सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं और पालिका के रैन बसेरे में क्षेत्रीय लोगों ने कब्जा कर रखा है।
जो लोग इस रैन बसेरे में छत की आस लेकर पहुंच रहे हैं उन्हें भी खुली टीन शेड के नीचे ही ठिठुरने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा पालिका की ओर से रैन बसेरे में दी जाने वाली सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं।
नगर पालिका की ओर से शहर में मात्र एक रैन बसेरे का निर्माण करवाया गया है। इसका निर्माण शहर के उन बेसहारा व गरीबजनों के ठहरने के लिए करवाया गया है जिनके पास ठंड में सिर पर छत नहीं है।
लेकिन इस भीषण ठंड में जब पारा लगातार नीचे गिरता जा रहा है और लोगाों को घरों की भीतर रजाई में भी राहत नहीं मिल रही है। आसमान के नीचे सड़क किनारे रहने को मजबूर हो रहे हैं। पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों की सरपरस्ती के कारण पालिका के एक मात्र रैनबसेरे में क्षेत्रीय लोगों ने कब्जा कर रखा है।
भीषण गंदगी व अव्यवस्थाओं के बीच रह रहे हैं गरीब
पालिका के रैन बसेरे में ठहरे याकूब निवासी प्रतापगढ़, मुंशी निवासी जमुनाखेड़ा, मुन्ना जमुनाखेड़ा, महबूब निवासी बक्खा खेड़ा, अंगूरी व रमजानी निवासी कुइथर ने बताया कि यहां ना तो पानी आता है और ना ही शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था है।
वह लोग शहर के गली-मोहल्लों में फेरी लगाकर सब्जी आदि बेचकर रोजीरोटी की जुगत करते हैं। जब से ठंड बढ़ी है तभी से यह लोग यहां पर ठहर रहे हैं। रैन बसेरे में बने एकमात्र कमरे में भी एक स्थानीय व्यक्ति ने ताला डाल रखा है और यह लोग टीनशेड के नीचे भीषण ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।