उन्नाव। जेल में बंद अंशू गुप्ता के एक मुकदमे में जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अंशू के अधिवक्ता द्वारा पेश किए गए हलफनामे में तारीख अंकित न होने पर न्यायाधीश ने अगली सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख तय की है।
सदर कोतवाली पुलिस ने 26 मई को विशंभर प्रसाद की तहरीर पर अंशू गुप्ता व उसके अन्य साथियों पर रंगदारी मांगने, गलत तरीके से भूमि का बैनामा कराने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। इस मामले में अंशू के अधिवक्ता ने पहले सीजेएम न्यायालय में जमानत अर्जी डाली थी। जिसे न्यायाधीश ने खारिज कर दिया था। इसके बाद अधिवक्ता ने फिर जमानत के लिए 21 जून को जिला जज के न्यायालय में जमानत अर्जी डाली थी। 26 जून को हुई सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने कानपुर हैलट अस्पताल में कराई गई जांच की रिपोर्ट जिला जेल से तलब कराने को कहा था। इसके बाद चार जुलाई को जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान लखनऊ नेत्र चिकित्सालय की रिपोर्ट न्यायालय में पेश नहीं हो सकी थी। इस पर न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तारीख नियत की थी। बुधवार को जिला जज वाणी रंजन अग्रवाल के अवकाश पर होने के चलते न्यायाधीश डॉ. सत्यवान सिंह ने जमानत अर्जी पर सुनवाई की। इस दौरान अंशू के अधिवक्ता द्वारा पेश किए गए शपथपत्र में तारीख अंकित न होने पर पैरोकार की ओर से दोबारा हलफनामा की मांग की गई है। इस पर न्यायाधीश ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 16 जुलाई की तारीख नियत की है।
मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए दोषी को दो माह की सजा
उन्नाव। सदर कोतवाली पुलिस ने 17 मार्च 2021 को क्षेत्र के पूरन नगर मोहल्ला निवासी बहादुर के कब्जे से 1.900 किग्रा मादक पदार्थ के साथ पकड़ा था। पुलिस ने दोषी पर एनडीपीएस एक्ट की धारा में कार्रवाई कर जेल भेज दिया था। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन उपनिरीक्षक विनोद कुमार गौतम ने दोषी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर 21 अप्रैल 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमा बीते चार सालों से अपर सत्र न्यायालय पंचम में विचाराधीन था। बुधवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दलील व साक्ष्य के आधार पर दो माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। (संवाद)