उन्नाव। ब्लाकों में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत (एडीओ) की लापरवाह कार्यशैली से जन्म-मृत्यु और परिवार रजिस्टर की नकल समय से जारी नहीं हो पा रही है। आवेदक ब्लाक से लेकर कामन सर्विस सेंटरों के चक्कर लगा रहे हैं।
आवेदक को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद आवेदन संबंधित पंचायत सचिव के पोर्टल पर चला जाता है। सचिव की रिपोर्ट लगने के बाद ब्लाक में तैनात एडीओ पंचायत प्रमाणपत्र जारी करते हैं। मौजूदा समय में करीब 2300 आवेदन ब्लाकों में डंप पड़े हुए हैं। इनमें परिवार रजिस्टर की नकल के भी आवेदन शामिल हैं। 115 आवेदन ऐसे हैं जिन्हें एक माह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन अभी तक प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पाए हैं।
वहीं 1125 आवेदन 15 दिन से डंप पड़े हुए हैं। नियमानुसार 7 दिन में प्रमाणपत्र जारी हो जाने चाहिए लेकिन एडीओ पंचायत इसमें लापरवाही बरत रहे हैं। आवेदन करने वाले लोग सीएससी जाते हैं तो वह ब्लाक जाने की सलाह देते हैं। जब ब्लाक पहुंचते हैं तो एडीओ पंचायत रिपोर्ट लगा देने की झूठी जानकारी देकर फिर सीएससी भेज जाते हैं। मुख्य विकास अधिकारी प्रेमरंजन सिंह ने बताया कि अभी तक मामला जानकारी में नहीं था। जल्द ही एडीओ पंचायत की बैठक बुलाकर इसकी जानकारी करूंगा। जिस स्तर पर लापरवाही सामने आएगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।