शनिवार से शारदीय नवरात्रों की शुरुआत हो रही है। जिसके चलते माता के उपासकों ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। शुक्रवार को शहर के बड़ा चौराहा स्थित बड़े दुर्गा मंदिर, पौराणिक कल्याणी मंदिर, आवास विकास स्थित दुर्गा मंदिर, कालेज रोड स्थित गायत्री मंदिर, बाईपास के अन्नपूर्णा धाम सहित अन्य मंदिराें में भक्तों ने साफ-सफाई की। घरों में भी भक्त कलश स्थापना की तैयारी मे लगे रहे। इसके लिए लोगों ने बाजारों में पहुंचकर पूजन सामग्री, व्रत में खाने-पीने की वस्तुओं, मूर्तियों, फल व मिठाई की खरीदारी की। इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों के पौराणिक मंदिरों में भी नवरात्रि की तैयारियां जोराें पर रहीं। मंदिराें में कमेटी के लोगों ने नवरात्रि के पहले दिन आने वाली भक्तों की भीड़ को देखते हुए सारी व्यवस्थाओं को चाक चौबंद कर लिया है।
नवरात्र दस, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6.06 बजे से
पौराणिक कल्याणी देवी मंदिर के पुजारी आचार्य पं. शिवम शुक्ला के अनुसार इस बार दस नवरात्र पड़ रहे हैं। वह बताते हैं कि नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना करने का शुभ मुहूर्त वैसे तो ब्रह्ममुहूर्त से लेकर शाम तक है लेकिन सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 6.06 बजे से 9.42 बजे तक है। उनका कहना है कि यदि इस समयावधि से घरों में कलश स्थापना के साथ पूजन अर्चन शुरू किया जाए तो यह सबसे उत्तम होगा।
रोजाना होगा पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ
उन्नाव। गायत्री शक्तिपीठ कालेज रोड के व्यवस्थापक सिद्धिनाथ श्रीवास्तव ने शक्तिपीठ में आयोजित बैठक में बताया कि शनिवार से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। इसमें रोजाना सुबह 7 बजे से पांच कुंडीय यज्ञ का कार्यक्रम किया जाएगा। इसके बाद आचार्य नवरात्र में माता रानी भी पूजा का मूल महत्व बताएंगे। बताया कि शास्त्रों के अनुसार लौकिक व अलौकिक दोनों सुख शांति व आराधना से प्राप्त होते हैं। नवरात्र में किए गए प्र्रयास माता रानी की कृपा से संपन्न होते हैं। उन्होंने सभी साधकों से अपील की कि नवरात्र में एक साथ मां दुर्गा, लक्ष्मी व गायत्री की साधना श्रृद्धा व विश्वास के साथ करने का संकल्प लें। कहा कि आगामी 16 से 19 अक्तूबर तक होेने वाले 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ व लोक जागरण जन सम्मेलन को सफल बनाने में सभी लोग सहयोग करें।
......................