उन्नाव। वासंतीय नवरात्र को लेकर शुक्रवार को माता के मंदिरों सहित घरों में लोगों साफ-सफाई की। घरों में माता रानी के पूजन को लेकर कलश स्थापना करने के लिए बाजारों से खरीददारी की।
शनिवार से वासन्तीय नवरात्रों की शुरुआत हो रही है। शुक्रवार को शहर के बड़ा चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर, पौराणिक कल्याणी मंदिर, आवास विकास स्थित दुर्गा मंदिर, कालेज रोड स्थित गायत्री मंदिर, बाईपास स्थित अन्नपूर्णा धाम सहित अन्य मंदिराें में माता के पूजन को लेकर भक्तों ने साफ सफाई की।
मंदिरों की धुलाई, रंगाई पुताई सहित पूजन आदि की तैयरियां जोर-शोर से चलती रही। नवरात्रों में भक्त माता के मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं इसके अलावा घरों में भी भक्त कलश स्थापना कर माता का पूजन करते हैं।
नवाबगंज स्थित मां दुर्गा एवं कुशहरी देवी मंदिर में साजसज्जा एवं रंगरोगन किया गया। मंदिराें में कमेटी के लोग व्यवस्था चाक चौबंद करने में लगे रहे।
इस बार माता को प्रसन्न करना हो गया महंगा
उन्नाव। इस बार नवरात्र में माता के उपासकों को महंगाई से जूझना पड़ेगा। माता को प्रसन्न करने के लिए किए जाने वाले हवन-पूजन की सामग्री से लेकर खान-पान के सामान तक के दाम आसमान छू रहे हैं। महंगाई का आलम यह है कि दो दिन के भीतर ही फलों से लेकर मेवा, सिंघाड़ा व कूटू के आटे तक के भाव में उछाल आ गया। पिछले नवरात्र में 75 रुपये प्रति किलो बिकने वाला सिंघाड़े के आटा 90 से 100 रुपये तक पहुंच गया है।
कूटू के आटा 80 रुपये से बढ़कर 90 रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा मेवा का भी यही हाल है। पिछले हफ्ते तक छह सौ रुपए प्रति किलों में बिकने वाला मखाना शुक्रवार को आठ सौ रुपये में हो गया है। छुआरा भी दो सौ रुपये से बढ़कर तीन सौ रुपये तक पहुंच गया है।
फलों पर भी महंगाई का असर दिखने लगा है। 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो में बिक रहा सेब शुक्रवार को 80 से 100 रुपये तक पहुंच गया। 15 से 20 रुपये दर्जन में बिक रहा केला भी 35-40 रुपये दर्जन के रेट से बिकने लगा। इसके अलावा पूजन में उपयोग होने वाली सामग्री भी काफी महंगी हो गई। सूखा नारियल 25 रुपये तो पानी वाला नारियल 30 रुपये तक बिका। इसके अलावा माता की चुनरी भी 20 रुपये से 200 रुपये तक में बिक रही है।
आठ होंगे नवरात्र, 28 को होगी नवमी
पं. पुत्तन लाल शुक्ला ने बताया कि इस बार आठ दिनों के नवरात्र होंगे। अष्टमी 27 व नवमी 28 मार्च को पड़ेगी। नवरात्र के व्रत की शुरुआत करना शुभ होगा। शुक्रवार को नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना करने का शुभ मुहूर्त सुबह 5.30 बजे से 8.20 तक है।