फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुदरत ने किसानों को रुलाया

Sat, 28 Jan 2017 12:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
विज्ञापन
बारिश में गिरे ओले - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
जिले में इस बार 43500 हेक्टेयर में आलू बोया गया है और 95700 मीट्रिक टन आलू उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया। शुक्रवार को हुई 13 मिमी. बारिश से आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार तड़के तेज बारिश हुई। औरास, मियागंज, नवाबगंज, सोहरामऊ आदि में ओले भी गिरे। अपर उद्यान अधिकारी आरबी वर्मा ने बताया कि ढलानदार खेतों में खड़ी आलू की फसल को तो नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन समतली भूमि में पानी भर जाने से आलू के सड़ जाने की आशंका है। जलजमाव हो जाने से आलू के पौधों की ग्रोथ रुक जाएगी। आलू जहां से जुड़ा हुआ है वहां से सड़न पैदा हो सकती है। इसी प्रकार इस बारिश से सरसों व अन्य रबी फसलों को भी अब नुकसान हो सकता है। कृषि विभाग के अनुसार वर्तमान समय में खेतों में खड़ी सरसों की फसल पक चुकी है। ऐसे में इस बारिश से फली के अंदर दाने जमना शुरु हो जाएंगे। मालूम हो कि इस बार जिले में 239175 हेक्टेअर गेहूं, 18805 हेक्टेअर सरसों व 20 हेक्टेअर में अलसी बोई गई है।
विज्ञापन

 
किसानों के चेहरों पर मायूसी
नवाबगंज के मानव रावेंद्र सिंह, औरास के रमेश, मियागंज के अशोक आदि किसानों ने बताया कि प्रकृति ने तगड़ा झटका दिया है। आलू के खेतों में पानी भर गया है। काफी मात्रा में आलू सड़ गया है। सरसों की फसल भी बर्बाद हो गई है। वहीं ओलावृष्टि से भी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस बारिश से जाती ठंड वापस लौट आई।
 
अधिकतम व न्यूनतम पारा गिरा
शुक्रवार तड़के शुरू हुई बारिश दोपहर तक जारी रही। लगातार बारिश से अधिकतम पारे में गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को जहां अधिकतम पारा 22 डिग्री सेल्सियस था वहीं शुक्रवार को यह 20 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान घटकर 13 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बीच-बीच में आकाश में चमकती बिजली से लोग दहशत में रहे। तेज हवाओं और बारिश से क्षेत्र में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। बरसात और ठंडी हवाओं के चलते लोग रजाइयाें में दुबके रहे और अलाव जलाकर ठंड दूर करते रहे। दोपहर बाद थोड़ी देर के लिए सूरज निकला और फिर बादल छा जाने से लोगों को हाड़कपाऊ ठंड से जूझना पड़ा।
विज्ञापन

 
बाधित रही बिजली आपूर्ति
बारिश से शहर की बिजली गुल हो गई। हवा के तेज झोंको से 33 केवी की सभी लाइनें ब्रेक डाउन रहीं जिससे क्षेत्रों की घंटों बिजली गुल रही। अकरमपुर में एक पेड़ की डाल तार पर गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई। इसके अलावा कई जगहों पर बारिश के दौरान पेड़ों की डाल विद्युत तारों पर गिरने से आपूर्ति बाधित रही।
 
तहसीलवार हुई बारिश
सफीपुर-36 मिलीमीटर। पुरवा-4 मिलीमीटर। उन्नाव-9 मिलीमीटर। हसनगंज-5 मिलीमीटर।
 
रबी सीजन में फसलों की बुआई
गेहूं-239175 हेक्टेअर। जौ-1551 हेक्टेअर। चना-4038 हेक्टेअर। मटर-920 हेक्टेअर। मसूर-1313 हेक्टेअर
तोरिया-8920 हेक्टेअर। सरसों-18805 हेक्टेअर। अलसी-20 हेक्टेअर। रबी मक्का-21 हेक्टेअर।

बिजली गिरी, मकान में आई दरारें
उन्नाव। देर रात आए आंधी-तूफान में शहर की आवास-विकास में एक मकान पर बिजली गिरने से दरारें आ गईं। छत पर रखी पानी की टंकी भी फट गई। गनीमत रही कि रात का मामला होने से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। आवास-विकास मोहल्ला निवासी नारायण शुक्ला के मकान में गुरुवार रात आए आंधी तूफान में बिजली छत पर गिरी। इससे कमरों की दीवारों में दरारें आ गईं। इतना ही नहीं छत पर रखी पानी की टंकी क्षतिग्रस्त हो गई। सुबह जब परिजन उठे तो दीवारों में दरारें देख हरकत में आए। ऊपर जाकर देखा तो पानी की टंकी भी फट गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें