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नरमुंड मामले के जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी

Sun, 01 Feb 2015 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव। पुलिस लाइन में 29 जनवरी को बड़ी संख्या में मिले नरमुंड व अस्थियों की हकीकत जानने के लिए गठित की गई कमेटी ने आज एसपी को जांच रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट को शासन को भेज दी गई। रिपोर्ट में कमेटी ने पुलिस अस्पताल के कमरे में मिली नरमुंड व अस्थियों को पोस्टमार्टम के लिए लाए गए शवों का बताया है।
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कमरे में जो बिसरा मिले हैं उसमें सबसे पुराना 28 अप्रैल 1980 का जबकि आखिरी 12 मार्च 2008 का बताया गया है। बोरियों में 47 लोगों की अस्थियां मिली हैं। जिनका पोस्टमार्टम नंबरों से मिलान कर लिया गया है, जबकि 74 का बिसरा जार में सुरक्षित मिला है।

इनमें से 58 का पोस्टमार्टम नंबरों से मिलान हो गया है। कमरे में तीन बोरियां फटी भी मिली हैं। जिसमें रखे नरमुंड व अस्थियों के बारे में पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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मामले की जांच के लिए शुक्रवार की शाम को ही छह सदस्यीय कमेटी का गठन सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में कर दिया गया था। कमेटी ने शनिवार से जांच शुरू की और इस दौरान उसे 47 बोरियां सही स्थिति में जबकि तीन बोरियां फटी मिलीं। सही स्थिति में मिलीं 47 बोरियों में 47 लोगों के अस्थि पंजर पाए गए।

इनकी चिट संख्या का पोस्टमार्टम नंबर से मिलान भी कर लिया गया, जबकि फटी हुई तीन बोरियों से निकली अस्थियों के बारे में सही जानकारी नहीं हो सकी। इसके अलावा कमेटी को कमरे में 74 बिसरा जार भी मिले, जिनमें से 58 का पोस्टमार्टम नंबर से मिलान हो गया है, जबकि 16 बिसरा जारों में नंबरों के स्पष्ट न होने से इनका मिलान नहीं हो सका।

बताया गया है कि जो भी अस्थियां व बिसरा जार में रखे गए वह सभी चिकित्सकों के परामर्श के बाद यहां रखवाए गए थे। सूत्रों की माने तो रिपोर्ट में कहा गया है कि जो नरमुंड व अस्थियां मिली हैं उनमें से 80 प्रतिशत उन शवों की हैं जो लावारिश हालत में मिले थें।
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डीएनए टेस्ट व मौत का सही कारण जानने के लिए उन्हें यहां सुरक्षित रखवा दिया गया था। फिलहाल, कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद उसे शासन को भेज दी गई है।
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