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नकल से रोका तो उड़नदस्ते से हाथापाई

Sat, 06 May 2017 12:14 AM IST
उन्नाव
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कालेज स्टाफ के साथ बातचीत करते उड़नदस्ता प्रभारी डा. सुधीर वर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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परीक्षार्थियों पर यूनिवर्सिटी के उड़नदस्ता ने शिकंजा कसा तो बवाल हो गया। परीक्षार्थियों ने दूसरी पाली परीक्षा में स्क्वायड के खिलाफ लामबंद होकर मोर्चा खोल दिया। बात इतनी बढ़ी कि परीक्षार्थी कक्ष से बाहर आकर हंगामा कर परीक्षा बहिष्कार की घोषणा कर दी।

स्क्वायड दल ने सख्ती दिखाई तो कुछ परीक्षार्थियों ने हाथापाई कर दी। इससे अफरातफरी मच गई। सूचना पर कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और छात्रों को समझाकर शांत कराया और एक परीक्षार्थी को कोतवाली लेकर चले गए। इसके बाद प्राचार्य ने वाइस चांसलर को ई-मेल कर आगे की परीक्षाएं न करा पाने की बात कही।
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मालूम हो कि सीएसजेएम यूनिवर्सिटी कानपुर से संबद्ध विधि महाविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षाएं गुुरुवार से शुरू हो चुकी हैं। जिले के छह विधि कालेज के करीब 1500 परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र  डीएसएन कालेज बनाया गया है। परीक्षा यूनिवर्सिटी उड़नदस्ता की देखरेख में हो रही हैं। परीक्षा के दूसरे दिन भी स्क्वायड प्रभारी डा. सुधीर वर्मा ने 41 नकलचियों को दबोचा। दूसरी पाली में परीक्षा शुरू होते ही कमरा नंबर 20 से एक परीक्षार्थी को नकल सामग्री के साथ प्रभारी ने पकड़ लिया।

इसके बाद बवाल मच गया। परीक्षार्थी परीक्षा कक्ष से बाहर निकल कालेज प्रबंधन को नकल की सहूलियत का चढ़ावा अदा करने का आरोप लगा हंगामा करने लगा। उड़नदस्ता प्रभारी व कक्ष निरीक्षकों ने सख्ती दिखाई तो परीक्षार्थी उग्र हो गए। तीखी बहस के बीच ही परीक्षार्थियों ने उड़नदस्ता सदस्यों से हाथापाई कर दी। इससे करीब 20 मिनट तक परीक्षा प्रभावित रही।


पुलिस से बोले करेंगे नकल  
प्राचार्य मानवेंद्र सिंह की सूचना पर कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार तिवारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस देख परीक्षार्थी इधर उधर हो गए। जो मौजूद रहे उन्होंने कोतवाल से दो टूक कहा कि कालेज प्रबंधकों ने नकल में सुविधा के लिए प्रवेश के दौरान हजारों की रकम ली है। अब जब परीक्षा आई तो उड़नदस्ता भविष्य बर्बाद कर रहा है। ऐसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है। उड़नदस्ता प्रभारी डा. सुधीर वर्मा ने हाथापाई से इंकार कर छात्रों के अभद्रता करने की बात कही।

परीक्षा संचालन से खड़े किए हाथ
नोडल केंद्र प्रभारी डा. मानवेंद्र सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन से पहले ही परीक्षा कराए जाने से मना किया गया था। विभागीय दबाव के चलते परीक्षा कराई जा रही है। मगर परीक्षा की पूरी जिम्मेदारी यूनिवर्सिटी से आए पर्यवेक्षकों की है। जो परीक्षा अपनी देखरेख में करा रहे हैं। इसके बाद प्रभारी ने वाइस चांसलर को ई-मेल कर आगे की परीक्षाएं न कराए जाने की रिपोर्ट दी।
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होगी सख्त कार्रवाई
उड़नदस्ता प्रभारी डा. सुधीर वर्मा ने बताया परीक्षार्थियों के हंगामे से परीक्षा बाधित हुई है। साथ ही परीक्षार्थियों ने जो किया है वह कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है। मामले की रिपोर्ट यूनिवर्सिटी को दी जा रही है। दोषी छात्रों के साथ ही कालेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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