फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Unnao News: अज्ञात वाहन की टक्कर से फैक्टरी श्रमिक की मौत

विज्ञापन
योगेंद्र सिंह का फाइल फोटो। संवाद
विज्ञापन
फोटो-8, 9
विज्ञापन

वाहन की टक्कर से फैक्टरी श्रमिक की मौत
- पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने गेट के बाहर शव रखकर किया हंगामा
- महाप्रबंधक के मृतक की पत्नी को तीन लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने के आश्वासन पर हुए शांत
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनिक। कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर पुरवा मोड़ के पास एक श्रमिक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर फैक्टरी पहुंचे। यहां गेट के बाहर रखकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्टरी महाप्रबंधक से बात की। महाप्रबंधक ने मृतक की पत्नी को तीन लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी का आश्वासन दिया। लिखित समझौता होने के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान करीब दो घंटे तक हंगामा चला।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के गांव बख्तूखेड़ा निवासी योगेंद्र सिंह (41) दही औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक चर्म इकाई फैक्टरी में काम करता था। बुधवार देर रात फैक्टरी से घर जाने के लिए वह निकला था। कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर पुरवा मोड़ के निकट वह वाहन का इंतजार कर रहा था। इस दौरान अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था।
विज्ञापन

राहगीरों की सूचना पर पुलिस की घायल को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी स्वाती सिंह ने बताया कि वह फैक्टरी में चार सालों से काम कर रहा था। वैसे तो फैक्टरी की बस से ही आते जाते थे लेकिन ओवरटाइम करने से बस नहीं मिल पाई थी और दूसरे साधन से आना था। उसी का वह इंतजार कर रहे थे। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद करीब एक बजे परिजन शव लेकर फैक्टरी गेट पहुंच गए और हंगामा करने लगे।
विज्ञापन

पुलिस मौके पर पहुंची परिजनों से वार्ता करने के बाद फैक्टरी के महाप्रबंधक से बात की। तब जाकर परिजन माने और शाम करीब तीन बजे शव को वहां से उठाया। मृतक का एक लड़का हर्षित और बेटी हर्षिता है। दही थानाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी को तीन लाख की चेक दिला दी गई है। परिवार के एक सदस्य को नौकरी लिखित में दिलाया गया है।

योगेंद्र सिंह का फाइल फोटो। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें