उर्स की शुुरुआत बाबा गुदड़ी हक शाह रह. की दरगाह परिसर स्थित मस्जिद में शुक्रवार फज्र(भोर पहर) की नमाज के बाद तिलावत (पाठ) के साथ शुरू हुआ। दूर दूर से आए हाफिज और जायरीन ने कलामे पाक का पाठ कर बाबा की खिदमत में नजराना पेश किया। हाफिज यासीन, हाफिज शाह आलम, हाफिज ताज आलम ने नजर व फातिहा पेश की। दरगाह के सज्जादाशीन हजरत अनवर रहमान जीलानी की सरपरस्ती में दुआए खैर की गई। इसके बाद बाबा हजरत गुदड़ी हक शाह और उनके जांनशीन हजरत मोतीउर्रहमान सफवी उर्फ पुत्तन मियां की मजार पर अकीदतमंदों ने इत्र, गुल और चादरपोशी कर दुआ मांगी। नायब सज्जादा हजरत जैद रहमान सफवी, हजरत शुजाउर्रहमान सफवी, हजरत फैसल रहमान सफवी और हजरत सैफ रहमान सफवी ने बाबा की मजार पर आने वाले अकीदतमंदों का स्वागत किया और उनके हक में दुआए खैर की। फातिहा ख्वानी के बाद अकीदतमंदों को सज्जादागा ने खुद अपने हाथों से शीरीनी (प्रसाद) बांटा। उर्स इंतजामिया के सहैल अहमद हक्कनी फनाई ने बताया कि शुक्रवार रात ईद मिलादुन्नीब का कार्यक्रम होगा, शनिवार को तिलावत और मजार की जियारत के बाद रात में गागर का जुलूस निकलेगा। रात भर महफिले समा होगा जिसमें मशहूर कव्वाल अपने कलाम पेश करेंगे। रविवार दोपहर बाद कुल की फातिहा और दुआए खैर के साथ उर्स संपन्न होगा। शुक्रवार को कार्यक्रम में मो. आमिर, मो. मखदूम, मोबीन नंबरदार, शब्बन, फारूख उर्फ मुन्ना, पोलू कुरैशी, जगदीश यादव, संतराम यादव, राम प्रसाद यादव, हाजी अनीस, तय्यब, शब्बीर शाह समेत तमाम लोग मौजूद रहे।