उन्नाव। पांच साल पुराने दहेज हत्या के मामले में दोषी पति को न्यायालय ने 10 साल की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने आठ हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
रायबरेली जनपद निवासी रामबहादुर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि वर्ष 2018 में बेटी कविता की शादी बारासगवर थानाक्षेत्र के सगवर गांव के सुमन कुमार के साथ की थी। शादी के बाद से ही वह दहेज में मोटरसाइकिल न मिलने की बात कह कर अक्सर बेटी को प्रताड़ित करता था। 15 अगस्त 2019 को सुमन ने उन्हें फोन कर कविता द्वारा जहरीला पदार्थ निगलने और उसे उपचार के लिए उन्नाव ले जाने की जानकारी दी। करीब 12 बजे सुमन ने दोबारा फोन किया और कानपुर ले लाने के दौरान कविता की मौत होने की बात बताई।
रामबहादुर ने दामाद सुमन पर दहेज के लालच में कविता की हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज उसे जेल भेज दिया था। मुकदमे के विवेचक गौरव त्रिपाठी ने आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। सोमवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश मो. असलम सिद्दीकी ने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार की दलील व साक्ष्य के आधार पर दोषी साबित होने पर उसे सजा सुनाई है।