उन्नाव। अंधाधुंध बिजली कटौती पर सांसद ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सुधार के लिए 10 दिन का समय दिया है। दो टूक कहा कि यदि बिजली कटौती नहीं रुकी तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
शासन से शहर को 24, कस्बों को 22 और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली देने के आदेश हैं। इसके बाद भी अधिकारी तय रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। लगातार पहुंच रहीं शिकायतों का संज्ञान लेते हुए सांसद डॉ. हरि साक्षी महाराज ने शनिवार को गदनखेड़ा आवास पर अधीक्षण अभियंता के साथ सभी पांचों खंडों के एक्सईएन को बुलाकर बैठक की। उन्होंने क्षेत्रों को पर्याप्त बिजली न दिए जाने पर अफसरों को आड़े हाथ लिया। अधिकारियों से पूछा कि आखिरकार जब मुख्यालय से मांग के सापेक्ष पर्याप्त बिजली दी जा रही है तो लोगों को क्यों परेशानी हो रही है।
गर्मी से पहले जो सुधार के दावे किए गए थे, उनका क्या हुआ। क्या दावे हवा हवाई ही रहे। जो काम पहले कर लेने की बात कही गई थी, उसे समय से पूरा क्यों नहीं किया गया। सांसद के इन सवालों का अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर सांसद नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में सुधार कीजिए। लोगों को पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए। अधिकारियों से कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति जो दिक्कतें आ रही हैं, उसे जल्द दूर करें। जो डालियां, टहनियां बिजली तारों में फंस रही हैं उनकी जल्द छंटाई करा लें। कहा कि यह काम 10 दिन में पूरा हो जाना चाहिए। यदि उसके बाद भी सुधार नहीं दिखा तो फिर ऊर्जा मंत्री से बात करके कार्रवाई कराई जाएगी।
रीवैंप योजना की खराब प्रगति पर सांसद ने जताई नाराजगी
जनपद में रीवैंप योजना (रुरल इकोनामिक वैल्यू एडेड मॉनीटरिंग प्रोग्राम) चालू हुए छह माह से अधिक समय बीतने वाला है लेकिन अभी तक सात फीसदी ही काम पूरा हो सका है। इसकी जानकारी सांसद को हुई तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना है। इस पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिस कारण योजना का काम रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कहा कि जल्द जिला बिजली समिति की बैठक आयोजित कराएं। उसमें रीवैंप सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसलिए सभी योजनाओं की फाइलों के साथ आएं। उधर, सांसद ने दूसरी बैठक में बीएसएनएल के अधिकारियों से योजनाओं की जानकारी ली।