नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता शहरवासियों के लिए बीमारी का सबब बनती जा रही है। अफसर शहर में स्थित पानी की टंकियों की सफाई समय से न कराकर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। इससे लोग संक्रामक रोग की चपेट में आ रहे हैं। एक ओर दूषित पानी पीने से लोग बीमार होेकर अस्पतालों में पहुंच रहे हैं वहीं दूसरी ओर नगर पालिका पानी की टंकियों (ओवर हेड टैंकों) की सफाई कराना भूल गया। नगर पालिका के अफसर बता रहे हैं कि टंकियों की सफाई जल्द कराई जाएगी।
जिले की दो लाख से अधिक आबादी को नगर पालिका की नौ टंकियाें से पानी की आपूर्ति होती है। लेकिन इनमें से कई टंकियां ऐसी हैं जिनकी बीते कई साल से सफाई नहीं हुई है। विभागीय अफसर सिर्फ कागजों पर ही टंकियों की सफाई करवा देते हैं। ऐसे में लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि इन टंकियों से लोगों के घरों तक पहुंचे पानी में काई भी पहुंच रही हैं। लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे हैं। टंकियों की हर साल सफाई कराने का नियम है, लेकिन जलकल विभाग के अधिकारी नियमों और जनता की सेहत पर ध्यान नहीं दे रहे।
बिना सीढ़ी टैंक तक कैसे पहुंचे कर्मी
उन्नाव। नगर पालिका जलकल विभाग के अधिकारी भले ही टंकियों की सफाई के दावे करते हों, लेकिन क्षेत्र के लोग और जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयान कर रही है। शहर की कई टंकियों के टैंक तक पहुंचने की सीढ़ियां ही टूटी हैं तो कुछ की रेलिंग उखड़ चुकी है। ऐसे में पालिका कर्मी टैंक तक कैसे पहुंचे। इसका जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं है। आवास विकास कालोनी स्थित पानी की टंकी की सीढ़ी तो पन्नालाल पार्क की टंकी की रेलिंग टूटी है।
बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही
पेयजल को लेकर विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभी मुझे कुछ ही दिन आए हुए हैं इसलिए पूरी जानकारी नहीं है। जलकल विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर सभी टंकियों की सफाई जल्द कराई जाएगी। - नरेंद्र मोहन मिश्र, ईओ नगर पालिका