जिले के मोबाइल टावरों के सिक्योरिटी गार्ड से मारपीट और बंधक बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह के सरगना समेत सात बदमाशों चोरी के माल और वाहन समेत गिरफ्तार किया है।
एसपी पवन कुमार ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि यह गिरोह उन्नाव के अलावा आसपास के अन्य जिलों में मोबाइल टावरों में लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। गिरोह का सरगना हरदोई का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। वहीं बदमाशों की निशानदेही पर लूट का माल खरीदने और उसे ठिकाने लगाने वाले व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया।
लुट गिरोह के सरगना हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के भेखा गांव निवासी मो. रिहान, कासिमपुर के चंदा बैजा गांव निवासी सनद चौरसिया व सर्वेश चौरसिया, लोमामऊ संडीला का मनोज राठौर, बख्तावर खेड़ा के राजेश लोध, उन्नाव के औरास थाना के रतनखेड़ा निवासी रामभजन, बाराबंकी के हैदरगढ़ सब्जीमंडी निवासी प्रेम नारायण गुप्ता को गिरफ्तार किया।
बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने 139 बैट्री, लूट में प्रयोग की जाने वाली एक बोलेरो, एक टाटा सफारी, तीन तमंचा और बैट्री खोलने के औजार बरामद किए।
पुलिस ने लूटी गई बैट्री खरीदने और उन्हें ठिकाने लगाने वाले गोंडा जिले के गांव लुवाआं निवासी विजय कुमार वर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने गिरोह का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया।
बीते सप्ताह औरास थाना क्षेत्र के हाथी खेड़ा गांव में बीएसएनएल टावर के सिक्योरिटी गार्ड रवींद्र श्रीवास्तव को मारपीट की लाखों की बैट्री लूटी। वहीं 31 दिसंबर रात हसनगंज के गढ़ी फतेहाबाद में सैरपुर निवासी सिक्योरिटी गार्ड रंजीत को लहूलुहान कर लाखों की बैट्री लूट के अलावा अजगैन, सफीपुर, बीघापुर थाना क्षेत्रों में मोबाइल टावरों लूट की वारदातें हुईं।
हर वारदात से पहले नए सिम खरीदते थे बदमाश- उन्नाव। एसपी ने बताया कि लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा यह गिरोह इतना शातिर है कि सभी सदस्य हर वारदात से पहले नया सिम खरीदते थे और उसी सिम से एक-दूसरे से बात करते थे।
वारदात को अंजाम देने और लूट का माल ठिकाने लगाने के बाद बदमाश काफी समय तक उस सिम का प्रयोग नहीं करते थे। वारदात के समय सभी बदमाश अपना चेहरा ढके रहते थे। एसपी ने बताया कि गिरोह का सरगना रिहान उर्फ रिजवान हरदोई में लूट और हत्या के अलावा कई वारदातों में हिस्ट्रीशीटर है।