बुधवार को तापमान 46 डिग्री पहुंच गया। बदन झुलसाती धूप ने जनजीवन बेहाल कर दिया। लोग सूरज की तपिश और आग की भट्ठी जैसी आंच देती लू के थपेड़ों से बिलबिला उठे।
चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह दस बजे से ही गरमी ने कहर बरपाना शुरू किया तो दोपहर एक बजे पारा अधिकतम 46.2 व न्यूनतम 28.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गरमी से बचाव के उपाय भी नाकाफी साबित हुए। भीषण गर्मी ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया। इसी का नतीजा रहा कि सुबह 11 बजे से ही सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। बदन झुलसाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों को घरों से निकलना दुश्वार कर दिया।
घरों से निकलने को मजबूर हुए लोग धूप और गरमी से बचाव के तमाम उपाय किए नजर आए। महिलाएं चेहरे को कपड़े से लपेटे नजर्र आइं। फुल आस्तीन के दस्ताने और आंखों पर चश्मा लगाने के बाद घर निकलनें की लोग हिम्मत जुटा पाए। पुरुष भी गमछा, टोपी, चश्मा के सहारे धूप से बचाव करते नजर आए। भीषण गरमी का ही नतीजा रहा कि सुबह 11 बजे ही सड़कों पर पसरा सन्नाटा शाम पांच बजे के बाद ही दूर हो पाया। बाजारों में दिन भर सन्नाटा पसरा रहने के बाद शाम छह बजे के बाद ही रौनक नजर आई।
कूलर व एसी की बढ़ी मांग
गर्मी चढ़ते ही बाजारों में एसी व कूलरों की मांग जबरदस्त बढ़ गई है। बाजार में इनकी दुकानों में मांग के अनुरूप पूर्ति नहीं हो पा रही है। मांग अधिक व माल कम होेने से दुकानदारों ने इनकी कीमत में इजाफा कर दिया है। अभी तक चार से पांच हजार में बिकने वाले टीन की चादर के कूलर मौजूदा समय में छह हजार तक बिक रहे हैं। वहीं एसी के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
गरमी से बचाव के टिप्स
फुल आस्तीन कपड़े पहनें, सिर और चेहरा ढक कर चलें, पानी पीने के बाद ही घर से निकलें, एसी व कूलर रूम से सीधे धूप में न जाएं, धूप से आकर तुरंत पानी या कोल्ड ड्रिंक न पिएं
लू व डायरिया के लक्षण
बार-बार प्यास लगना, तेज सर दर्द होना, कमजोरी लगना, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा होना, बेहोशी आना, पतले दस्त होना, हथेली और पैर के तलवों में जलन होना, त्वचा में झुर्रियां पड़ना, ब्लड प्रेशर लो होना आदि हैं।