उन्नाव। पिछले एक माह से मनरेगा खाते में धन न होने से करोड़ों रुपये का भुगतान रुक गया है। इससे मनरेगा जॉबकार्डधारकों को उनके किए काम का मेहनताना नहीं मिल रहा है। ऐसे में कुछ ग्राम पंचायतों में मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने कई बार पत्राचार किया लेकिन इसके बाद भी खाते में पैसा नहीं आ सका है।
लखनऊ की एसबीआई शाखा में जनपद का मनरेगा खाता संचालित होता है। करीब एक माह पहले खाते में पैसा खत्म हो गया था। इसके बाद अधिकारियों ने पैसा खत्म होने की जानकारी मुख्यालय के अफसरों को दी। मुख्यालय से पत्र केंद्र सरकार को भेजा गया। वहां से 15 दिन में खाते में पैसा पहुंचने की जानकारी दी गई। करीब एक माह बीत जाने के बाद भी खाते में पैसा नहीं आ सका है।
जनपद में मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। लगभग 11 करोड़ 66 लाख रुपये का भुगतान रुक गया है। फतेहपुर चौरासी प्रतिनिधि के अनुसार, मनरेगा के अंतर्गत स्थानीय विकास खंड में कराए गए विकास कार्यों की मजदूरी चार माह से न मिलने के कारण हजारों मजदूर भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
प्रधान संघ अध्यक्ष संतोष कुमार यादव, प्रमोद पांडेय, रामगोपाल पांडेय, जयदेवी, शांति सिंह, कांती देवी, कुंती शुक्ला, मीरा पांडेय, चंद्रपाल यादव, हीरालाल आदि प्रधानों ने बताया कि ग्राम पंचायतों में विकास को गति प्रदान करने के लिए कार्य तो शुरू करा दिए गए लेकिन कई माह से हजारों मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं हो पाया है। जिससे मजदूरों के सामने जीवकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है। खंड विकास अधिकारी वीके अस्थाना ने बताया कि शीघ्र ही धन आने वाला है। धन प्राप्त होते ही भुगतान करा दिया जाएगा।
फतेहपुर चौरासी को चाहिए 123 लाख रुपये
सबसे ज्यादा भुगतान फतेहपुर ब्लाक का फंसा है। इस विकासखंड को मजदूरों के भुगतान के लिए करीब 1 करोड़ 23 लाख रुपये चाहिए। दूसरे नंबर पर बांगरमऊ विकासखंड है। मियागंज, फतेहपुर चौरासी, गंजमुरादाबाद में भी लाखों रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। जानकारों की मानें तो मजदूरों को काम करने के 7 दिन के अंदर पैसा मिल जाना चाहिए लेकिन 15 दिन बीत जाने के बाद भी जॉबकार्डधारक मजदूरी के लिए भटक रहे हैं।
वर्जन
मनरेगा खाते में करीब एक माह से पैसा नहीं है। इसकी जानकारी मुख्यालय के उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। केंद्र सरकार से अभी पैसा नहीं आया है। पत्राचार किया जा रहा है। सोमवार तक खाते में पैसा आने की उम्मीद है। पैसा आने के बाद मजदूरों को भुगतान कर दिया जाएगा।
राजेश कुमार मिश्र, मनरेगा उपायुक्त श्रम/रोजगार उन्नाव।