परिचय- पीड़िता कनकलता। संवाद
बक्सर स्थित सिद्ध पीठ मां चंडिका देवी मंदिर में दनादन हुईं चोरी की घटनाएं
सीतापुर के जिला सूचना अधिकारी की बहन है पीड़िता, वह भी साथ आए थे
सीसीटीवी फुटेज चेक करने की मांग पर नोंकझोक, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर
संवाद न्यूज एजेंसी
बीघापुर (उन्नाव)। बक्सर स्थित सिद्ध पीठ मां चंडिका देवी मंदिर में दर्शन के दौरान चोरों ने सीतापुर के जिला सूचना अधिकारी की बहन का मंगलसूत्र पार कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से महिला गिड़गिड़ाती रही लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी।
हैरत की बात यह है कि मौके पर तैनात महिला दारोगा ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यहां तो ऐसा तो होता ही रहता है। पीड़ित पक्ष के सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग पर काफी देर तक कहासुनी भी हुई। पीड़िता ने थाने में तहरीर दी है।
पुरवा कोतवाली के असेहरू गांव निवासी लालकमल सीतापुर जिले में जिला सूचना अधिकारी हैं। वह बहन कनकलता व परिवार के अन्य लोगों के साथ सोमवार सुबह गंगा स्नान करने बक्सर गंगाघाट गए थे। स्नान के बाद मां चंडिका देवी के दर्शन के दौरान सभी लोग लाइन में लगे थे, तभी चोरों ने कनकलता मंगलसूत्र झपट लिया।
कनकलता ने परिसर में मौजूद सिपाहियों से शिकायत की लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था में तैनात महिला दारोगा को घटना की जानकारी दी तो उन्होंने मदद करने के बजाए यह कहकर चलता कर दिया कि यहां तो ऐसा तो होता ही रहता है।
पुलिस के रवैए से नाराज पीड़ित पक्ष ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक करने की मांग की। इस दौरान उनकी दारोगा से काफी देर तक बहस भी हुई। मौजूद लोगों ने पुलिस की इस कार्यशैली का विरोध करते हुए महिला को शांत कराया। बाद में लोगों ने बारासगवर थाने में तहरीर दी है।
सीओ माया राय ने बताया कि मंदिर परिसर में मंगलसूत्र चोरी की घटना की तहरीर मिली है। मामले की जांच बक्सर चौकी इंचार्ज प्रेम नारायण सरोज को सौंपी गई है।
इनके साथ भी हुईं चोरी की घटनाएं
रायबरेली जिले के थाना सरेनी के गांव रसूलपुर निवासी बिटोल पत्नी रविशंकर और अचलगंज थानाक्षेत्र के जरगांव निवासी सुवणि पुत्री शिवबोध शुक्ला मंदिर दर्शन करने आई थीं। उनका एंड्रॉयड मोबाइल चोरों ने पार कर दिया। दुर्गाखेड़ा निवासी दुर्गाशंकर की पर्स चोरों ने पार कर दी थी। पीड़ित के अनुसार उसमें चार हजार रुपये थे। पुलिस पीड़ित श्रद्धालुओं की बात सुनने और जांच कराने के बजाए जेवर पहनकर मंदिर आने पर सवाल दागती रहीं।