उन्नाव। प्रदेश सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में पारिवारिक लाभ योजना के तहत आयु प्रमाणपत्र के लिए परिवार रजिस्टर की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। इस फैसले से उन्नाव सहित प्रदेश के 12 हजार आवेदकों को बड़ी राहत मिली है। अब आवेदक राशनकार्ड सहित पांच अन्य दस्तावेज का उपयोग कर सकेंगे।
समाज कल्याण विभाग 18 से 59 वर्ष के कमाऊ मुखिया की मौत पर आश्रित को 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देता है। पहले आधारकार्ड से उम्र का आकलन होता था। बाद में परिवार रजिस्टर की नकल अनिवार्य कर दी गई थी। शहरी क्षेत्रों में निकायों से यह नकल जारी नहीं होती थी। इससे आवेदकों को परेशानी हो रही थी। शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने यह संशोधन शासनादेश जारी किया। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रकाश पांडेय ने बताया कि अब राशनकार्ड, पैनकार्ड, वोटरकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट आयु प्रमाण के रूप में मान्य होंगे। आवेदन के साथ निर्धारित प्रारूप पर स्वघोषणा पत्र भी देना होगा।
सरकार ने आयु प्रमाण के लिए पांच नए विकल्प दिए हैं। इनमें राशनकार्ड, पैनकार्ड, वोटरकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट शामिल हैं। इन दस्तावेज के साथ आवेदकों को एक स्वघोषणा पत्र भी देना होगा। यह बदलाव शहरी आवेदकों की पुरानी समस्या को हल करेगा।