उन्नाव। अपर जिला जज प्रथम की न्यायालय ने पत्नी की हत्या के प्रयास से जुड़े मामले में दोषी को सात साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 12,500 रुपये जुर्माना भी लगाया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के सरोसी निवासी तौफीक ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि 12 सितंबर 2021 को दोपहर बहन शाहीन घर में अकेली थी। तभी लखनऊ निवासी बहनोई सलमान अपने भाई सोहेल और इरफान के साथ आया और शाहीन पर ससुराल चलने का दबाव बनाने लगा। मना करने पर आरोपियों ने शाहीन से मारपीट की और चाकू से भी हमला भी किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पड़ोसियों को आता देखकर हमलावर जान से मारने की धमकी देकर भाग गए थे।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा था। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन एसआई धर्मेंद्र सिंह ने घटना में लिप्त न पाए जाने पर पीड़िता के देवर सोहेल व इरफान का नाम हटा दिया था। आरोपी सलमान के खिलाफ 29 सितंबर 2021 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। अपर जिला जज प्रथम न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे में मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश मो. असलम सिद्दिकी ने दलील व साक्ष्य के आधार पर सलमान का दोषी पाया और सजा सुनाई।
लापरवाही से वाहन चलाने के दोषी पर अर्थदंड
उन्नाव। माखी थाना पुलिस ने आठ अगस्त 2012 को लखनऊ के आशियाना निवासी सोनू पर लापरवाही से वाहन चलाकर चोट पहुंचाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की थी। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश ने सोनू को दोषी मानते हुए 2500 रुपये का अर्थदंड लगाया। (संवाद)