उन्नाव में लॉकडाउन के दौरान एक साल के बच्चे को साथ लेकर रात आठ बजे ड्यूटी करती महिला सिपाही पूजा प?
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उन्नाव। कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन और सभी को घर में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन की अपील की जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने की हिदायत भी दी जा रही है। वहीं, कोरोना की जंग में कई महिला सिपाही ऐसी भी हैं जो ड्यूटी के साथ अपने बच्चों को ममता की छांव भी दे रही हैं। वह मजबूरी में अपने मासूम बच्चे को साथ लेकर जोखिम के बीच नियमित 12 घंटे ड्यूटी निभा रही हैं। हालांकि सीओ सिटी यादवेंद्र यादव का कहना है कि उन्हें ऐसी जानकारी नहीं है। जिन महिला पुलिस कर्मियों के बच्चे छोटे हैं वह अपनी समस्या बताएं, कहीं और कार्यालय या कोतवाली में ड्यूटी लगाई जाएगी जहां उनके लिए संक्रमण का जोखिम न हो।
शहर के रेडजोन क्षेत्र में ही बड़ा चौराहा ड्यूटी में तैनात कोतवाली में तैनात सिपाही पूजा पाल का बेटा आरु अभी महज 1 साल का है। पूजा के पति पुष्पेंद्र भी सिपाही हैं और वह इस समय कानपुर में तैनात हैं। बताया कि वह दोनों पुलिस में हैं घर पर बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं। कुछ देर के लिए पड़ोसी के घर रोकते हैं लेकिन जैसे ही नींद खुलती है रोने लगता है। मजबूरन बच्चे को भी साथ लाना पड़ता है। बताया कि उनकी ससुराल कानपुर देहात के अकबरपुर में है। लॉकडाउन होने से सास का भी आना नहीं हो पा रहा है। वैसे भी बुजुर्ग होने से सास को सफर में दिक्कत हो सकती है।
शहर के रेडजोन में मुख्य मार्ग पर स्थित ककरहाबाग मोहल्ले के पास ड्यूटी में तैनात सिपाही बीना देवी सिपाही मूल रूप से संभल जिले में तैनात हैं। वह मातृत्व अवकाश पर अपने गृहजनपद उन्नाव के बिहार कस्बे में रुकी थीं। बीना के 5 माह की बेटी बेबी है। छुट्टी पूरी होते ही लॉकडाउन लागू हो गया। वह तैनाती के लिए जिले तक नहीं पहुंच पाईं। उच्चाधिकारियों ने फिलहाल गृहजनपद में ही ज्वॉइन करने के निर्देश दिए। बीना ने बताया कि उनके पति अमित भी पुलिस की तैयारी कर रहे हैं। सुबह 9 से रात 9 बजे तक ड्यूटी होने से वह अपनी छोटी बच्ची को घर पर भी नहीं छोड़ सकतीं। मजबूरी में बच्ची को साथ रखना पड़ता है।
शहर के ककरहा बाग के पास लॉक डाउन के दौरान बच्चे को साथ लेकर ड्यूटी करती महिला सिपाही बीना देवी।- फोटो : UNNAO