मृतक की फाइल फोटो व घटनास्थल की जांच करती पुलिस
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थाना पनवाड़ी के किल्हौआ गांव में रविवार की रात ग्रामीण ने तमंचे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक बेटे व पत्नी की मौत के बाद से अवसाद में रहता था और शराब का आदी हो गया था। सूचना पर पुलिस व फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पहुंच जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए। घटनास्थल से तमंचा भी बरामद किया गया है। मृतक पहले भी दो बार आत्महत्या की कोशिश की कर चुका था।
किल्हौआ निवासी राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जन राजपूत (55) गांव की बरातशाला के सामने ही गुमटी में परचून की दुकान किए था। बड़ा बेटा अनिल दिल्ली में परिवार समेत रहकर मेहनत-मजदूरी करता है। उसके छोटे अविवाहित बेटे जीतू ने आठ साल पहले फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद पांच साल पहले पत्नी संतोषी का बीमारी के चलते निधन हो गया था। बेटे और पत्नी की मौत के बाद से घर पर अकेला होने के चलते राजेंद्र परेशान रहता था। अक्सर वह बरातशाला में ही लेट जाता था। अवसाद में आकर उसने दो बार पहले जहर व फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की थी लेकिन तब वह बच गया था। देर रात उसने बरातशाला में खुद को तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुबह जब ग्रामीण वहां से निकले तो राजेंद्र सिंह का खून से लथपथ शव देख उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही पनवाड़ी थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बारीकी से जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए और तमंचा बरामद किया। मृतके बड़े भाई घनश्याम ने बताया कि पत्नी व बेटे की मौत के बाद से राजेंद्र अवसाद में रहते थे और शराब पीने लगे थे। उन्होंने बरातशाला में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उधर, अपर एसपी वंदना सिंह का कहना है कि मृतक के भाई घनश्याम ने पुलिस को सूचना दी कि रज्जन अवसाद में रहते थे और अत्यधिक शराब का सेवन करते थे। उन्होंने बरातशाला में गोली मारकर आत्महत्या की है। सूचना पर पुलिस व फील्ड यूनिट ने जांच की। जांच में प्रथम दृष्टया सामने आया कि मृतक के बेटे और पत्नी का पूर्व में निधन हो चुका है। इस कारण वह अवसाद में रहते थे। पूर्व में भी वह आत्महत्या की कोशिश कर चुके हैं। तहरीर प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।