उन्नाव। एनएचएआई के रीजनल अफसर ने निर्माण एजेंसी पीएनसी के अधिकारियों के साथ लखनऊ-कानपुर के बीच निर्माणाधीन एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया। निर्माण कार्य मई-2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए। निर्माण सामग्री की ढुलाई से क्षतिग्रस्त हुए हाईवे की मरम्मत के लिए कहा। उन्होंने उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे का भी निरीक्षण किया और बाकी बचे काम को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
एनएचएआई के रीजनल अफसर संजीव शर्मा ने शुक्रवार को लखनऊ-कानपुर के बीच बन रहे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे (एनई-6) और उन्नाव-लालगंज हाईवे का निरीक्षण किया। एक्सप्रेसवे की उन्नाव में लंबाई 45.3 किलोमीटर है। एनएचएआई के निदेशक आशीष जैन व अन्य अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे की सड़क का काम लगभग 30 प्रतिशत और पुल आदि का काम 80 फीसदी पूरा किया जा चुका है।
तय समय सीमा से पहले ही बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित उन्नाव-रायबरेली हाईवे का निरीक्षण किया और लखनऊ-कानपुर हाईवे के पास गदनखेड़ा चौराहा की तरफ सर्विस रोड का काम अधूरा होने पर नाराजगी जताई। कहा कि काम जल्द पूरा कराकर रिपोर्ट दें। उन्होंने निर्माण सामग्री की ढुलाई से खराब हुई हाईवे की सड़क को भी ठीक कराने के लिए कहा।
कानपुर से लखनऊ 45 मिनट में
एक्सप्रेसवे छह लेन का बनाया जा रहा है, लेकिन इसकी डिजाइन आठ लेन के हिसाब से तैयार की गई है। एक्सप्रेसवे बनने पर कानपुर से लखनऊ पहुंचने में महज 45 मिनट लगेंगे।