सफीपुर/अजगैन। जिले में हुई साक्षरता परीक्षा में निरक्षरों को साक्षर किए जाने की पोल खुल गई। विकासखंड नवाबगंज की ग्राम पंचायतों के परिषदीय विद्यालयों में हुई साक्षरता परीक्षा में मानव संसाधन मंत्रालय के उप सचिव को परीक्षा दे रहे साक्षर ‘क, ख, ग व घ’ तक नहीं बता सके। यही हाल लगभग जिले की अन्य ग्राम पंचायतों का रहा।
जिले की 954 ग्राम पंचायतों के लोक सेवा केंद्रों पर साक्षरता परीक्षा कराई गई। विकासखंड नवाबगंज के मद्दूखेड़ा परीक्षा केंद्र पर परीक्षा करा रहे प्रेरक निशांत और गरिमा ने बताया कि 40 निरक्षर साक्षरता की परीक्षा देने आए थे जो चले गए लेकिन जब उनसे पूछा गया कि परीक्षा की समय सारणी क्या है तो उन्होंने बताया कि कोई तय समय नहीं है।
वहीं सलेमपुर परीक्षा केंद्र के प्रेरक चंद्र प्रकाश और रीता रावत ने बताया कि निरक्षर परीक्षा देकर जा चुके हैं लेकिन जब वहां टहल रहे करीब आधा दर्जन लोगों से पूछा गया कि वे यहां क्या करने आए हैं तो उन्होंने बताया कि परीक्षा देने आए हैं, लेकिन अभी शुरू नही हुई है क्योंकि उन्हें इस बारे में कुछ बताया तक नहीं गया अचानक बुला लिया गया है। उन्हें अपना नाम तक लिखना नहीं आता ऐसे में वे कैसे परीक्षा पुस्तिका लिखे।
मानव संसाधन मंत्रालय के उप सचिव माणिक मंडल के साथ साक्षरता उप निदेशक संतराम सेानी, ओम प्रकाश वर्मा व राजेश कुमार बाजपेई निदेशक राज्य संसाधन केंद्र उप्र व बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह व एबीआरसी सुनील यादव ने सफीपुर ग्रामीण के उच्च प्राथमिक विद्यालय, नौबतपुर परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया।
जमलदीपुर परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रही वृद्धा सरला देवी, सुषमा, रजाना व रीना से परीक्षा कॉपी पर समय हेतु बनी घड़ी में मिनट व घंटों की सुइयों की जानकारी ली साथ ही एक सादे पेज पर शब्द लिखवाकर अपने साथ ले गए। अटवा उच्च प्राथमिक पाठशाला केंद्र पर प्रेरक राजेश मिश्रा से पुस्तकालय हेतु उपलब्ध किताबों के उपयोग की जानकारी ली साथ ही अभिलेख जांचे।
यहां केंद्रीय मंत्रालय के उप सचिव माणिक मंडल ने ब्लॉक समन्वयक जुहैर अहमद से वर्ष 2011 से संचालित साक्षरता योजना की जानकारी ली व स्टेट लिट्रेसी मिशन उप्र द्वारा लगातार प्रेरकों का मानदेय निर्गत कराने का आश्वासन दिया।