संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में 12 साल पहले हुई युवक की हुई हत्या में न्यायालय ने मृतक के पड़ोसी और उसके दो बेटों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
आसीवन थाना क्षेत्र के खरगौरा निवासी लाल बहादुर ने 27 जुलाई 2012 को गांव के हरिपाल और उसके बेटे संतोष, सर्वेश के खिलाफ भाई अमर पाल को अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लाल बहादुर का आरोप था कि उसके भाई अमर पाल ने हरिपाल की बेटी से चोरी छिपे कोर्ट मैरिज की थी। इसकी बात की जानकारी होने पर हरपाल ने उसके भाई को अगवा कर लिया था।
27 जुलाई को ही गांव से कुछ दूर अमर पाल का शव मिला था। उसकी गला घोटकर हत्या की गई थी। आसीवन थाना के तत्कालीन एसओ मनोज कुमार ने शव मिलने के बाद मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाई गई थी। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। विवेचक ने 16 सितंबर 2012 को तीनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक में बुधवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता अजय कुशवाहा की दलील और सबूतों के आधार पर न्यायाधीश अल्पना सक्सेना ने हरिपाल, उसके बेटे संतोष और सर्वेश को हत्या का दोषी पाया और तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। उन्होंने सभी पर 15-15 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।